16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वनाधिकार पट्टों में पाई गई कमियों को करें दूर

जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

less than 1 minute read
Google source verification
10_balaghat_109.jpg


बालाघाट. कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में वन अधिकार समितियों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उपखंड स्तरीय समिति बैहर, परसवाड़ा, बिरसा और लांजी से प्राप्त समस्त वनाधिकार के प्रकरणों को रखा गया। वर्ष 2005 से पूर्व के कब्जा साक्ष्य, वर्ष 2005 की स्थिति में दावेदार नाबालिग होना, कब्जा की भूमि राजस्व की होना, पूर्व में पट्टा जारी होना, नक्शा स्पष्ट नहीं, जीपीएस रीडिंग नहीं होने के कारण अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रकरणों में पाई गई कमियों को पूर्ण कर पुन: जिला स्तरीय वन अधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
बैठक में सीईओ जनपद पंचायत परसवाड़ा ने बताया कि वन विभाग दावेदारों के कब्जा की भूमि का स्थल परीक्षण नहीं कर रहा है। जिससे मौका स्थल का मुआयना नहीं होने से साक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पा रही है। एसडीएम बैहर विवेक केवी ने बताया कि बैहर, बिरसा के प्रकरणों पर एसडीओ वन बैहर नस्तियों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। जिस पर वन मंडलाधिकारी (उत्तर) सामान्य बालाघाट को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ग्राम पंचायत अरंडिया के 27 प्रकरणों को रखा गया। जिसमेंं जाति प्रकरण पत्र और मौका सत्यापन के कारण उपखंड स्तरीय वन अधिकार समिति ने अमान्य किया है। कलेक्टर ने एक सप्ताह के भीतर संबंधित दावेदारों के जाति प्रमाण बनाए जाने के लिए समय दिया है। इसी तरह ग्राम लगमा, अमवाही, मोहगांव माल, राजपुर, पिंडकेपार के 32 प्रकरणों में मौका स्थल पर सत्यापन किए जाने के लिए वन और जनपद पंचायत को संयुक्त अमले का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए। विकासखंड परसवाड़ा के ग्राम मोहनपुर (सोनेवानी) के 4 प्रकरणों में अनुविभागीय अधिकारी (वन) ने दावेदारों की नस्तियों में हस्ताक्षर नहीं किए गए है।