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गौरा संग ब्याह रचाने आज निकलेगी शिव बारात

भगवान-शिव पार्वती सहित 20 झाकियां रहेगी आकर्षण का केन्द्रशंकरघाट शिव मंदिर में रचाया जाएगा विवाहदिन भर हवन पूजन सहित होंगेे धार्मिक अनुष्ठान

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गौरा संग ब्याह रचाने आज निकलेगी शिव बारात

गौरा संग ब्याह रचाने आज निकलेगी शिव बारात

बालाघाट. जिले में शिवरात्रि पर्व की धूम दिखाई देने लगी है। शिवालयों में आकर्षक साज सज्जा व रंग रोंगन कार्य किया गया है। वहीं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की भी संपूर्ण तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। शहर के शंकरघाट स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर में शिवरात्रि पर्व भी इस वर्ष भी भगवान शिव व माता पार्वती के विवाह का विशेष आयोजन किया जा रहा है। समिति पदाधिकारियों ने समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मंदिर परिसर में आकर्षक मंडप बनाया गया है। यहां 07 मार्च की देर रात्रि शिव पार्वती का विवाह रचाया जाएगा। वहीं दूसरे दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन रखा गया है। इस आयोजन में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में शिव भक्त शामिलत होती है।
शिवरात्रि पर्व को लेकर बुधवार को महाकाल सेना के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर सम्पूर्ण आयोजन की जानकारी सांझा की। इस दौरान प्रमुख रूप से महाकाल सेना प्रमुख संयोग कोचर, सुशील तिवारी, पिंटू सेन, संदीप सेन, मुन्ना बर्वे व अन्य पदाधिकारीगण शामिल रहे।
आज निकलेगी शिव बारात
पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष भी महाशिवरात्रि पर्व की पूर्व संध्या पर भगवान शिव की बारात निकाली जाएगी। शहर के पुराने श्रीराम मंदिर से पालकी में भगवान भोलेनाथ की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो पूर्व वर्षो की तरह ही अपने गंतव्य मार्ग से हनुमान चौक पहुंचेगी। यहां नवेगांव मंदिर से आने वाली शिव बारात का मिलन होगा। इस तरह भटेरा रोड, बूढी सहित अन्य स्थानों पर भी झाकियां के साथ बारात निकाली जाएगी। सभी का मिलन कालीपुतली चौक में होकर शिव बारात शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए शंकर घाट स्थित शिव मंदिर पहुंचेगी। यहां भगवान शिव और पार्वती का विवाह संपन्न कराया जाएगा। वहीं शुक्रवार को महाशिवरात्रि के दिन हवन पूजन सहित अन्य कार्यक्रम संपन्न कराए जाएंगे। बताया गया कि समिति का यह 20 वॉ वर्ष का आयोजन है।
महानगरों से शामिल हो रही झांकियां
पदाधिकारियों ने बताया कि इस बार शिव बारात को और भव्य बनाने विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध झांकियां का समावेश भी शिव बारात में किया गया है। कर्नाटक से प्रसिद्ध बाहुबली हनुमानजी, अमरावती से मॉ काली, राजनांदगांव से बब्बर शेर के अलावा गोंदिया महाराष्ट, छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों के प्रमुख बैंड और झांकियों को बारात में शामिल किया गया है। पदाधिकारी सुशील तिवारी ने बताया कि यह संपूर्ण आयोजन बिना किसी चंदे के समिति पदाधिकारी करते आ रहे हैं। आयोजन में करीब 15 से 20 हजार श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस कारण यह अपने आप में एक अलग महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है।
श्रद्धालुओं के पखारे जाएंगे पैर
महाकाल सेना प्रमुख संयोग कोचर ने बताया कि इस बार शंकरघाट शिव मंदिर में कार्यक्रम के दौरान नई परंपरा भी शुरू की जा रही है। शिव बारात के साथ मंदिर परिसर में पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं के पांव भी पखारे जाएंगे। इसको लेकर भी तैयारी की गई है। कोचर ने बताया कि शिव बारात के अलावा दूसरे मंदिर में जिले के अलावा बाहर राज्यों के श्रद्धालु भी पहुंचते हैं। सभी के मंदिर परिसर में पांव पखारे जाएंगे। इसके वे मंदिर में प्रवेश कर पूजा अर्चना व भंडारे में शामिल होंगे। संयोग कोचर और सुशील तिवारी ने बताया कि शंकरघाट शिव मंदिर में आर्केस्ट्रा का आयोजन भी रखा गया है। शिवबारात पहुंचने पर कार्यक्रम शुरू होगा जो, दूसरे दिन सुबह तक चलेगा।
जिलेभर में होंगे धार्मिक आयोजन
महाशिवरात्रि को लेकर भी शंकरघाट के अलावा तमाम शिवालयों में तैयारियां की जा रही है। सभी स्थानों पर श्रद्धालुओं पहुंचकर भगवान शिव की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। शिवालयों को आकर्षक रंगों की लाईटों से सजाया गया है। शंकरघाट शिवमंदिर, नर्मदा नगर स्थित शिवमंदिर, लांजी के कोटेश्वर धाम सहित तमाम शिवलयों में भगवान की पूजा, अर्चना पूरी आस्था, विश्वास और श्रद्धा के साथ की जाकर सुख, शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगा जाएगा।