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पत्रिका की पहल – विश्व धरोहर दिवस पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों को कराया गया संग्रहालय का भ्रमण

पुरातत्वविदों, शोधार्थियों ने रखे महत्वपूर्ण विचार

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पत्रिका की पहल - विश्व धरोहर दिवस पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों को कराया गया संग्रहालय का भ्रमण

पत्रिका की पहल - विश्व धरोहर दिवस पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों को कराया गया संग्रहालय का भ्रमण


बालाघाट. विश्व धरोहर दिवस पर मंगलवार को विद्यार्थियों और शोधार्थियों को पुरातत्व शोध संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। संग्रहालय में संरक्षित की गई पुरातत्व प्रतिमाओं, जिले के इतिहास के बारे में जानकारी दी गई। जिसे जानकार सभी रोमांचित नजर आए। धरोहरों के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और सुरक्षित पर्यटन को लेकर संकल्प भी लिया गया। यह आयोजन विश्व धरोहर दिवस पर पत्रिका ने किया।
भूगर्भ शास्त्री डॉ संतोष सक्सेना ने जिले के पुरातत्व स्थलों के विकास और इन्हें कैसे प्रमोट किया जा सकता है के बारे में जानकारी दी। इतिहास एवं पुरातत्व शोध संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र सिंह गहरवार ने छात्राओं को संग्रहालय के बारे में जानकारी दी। पुरातत्व विद प्रेमप्रकाश त्रिपाठी, समीर गहरवार, निशांत सिंह बैस ने जिले के हट्टा की बावली, लांजी का किला, धनसुआ गोसाईं मंदिर सहित अन्य स्थलों के बारे में जानकारी दी। इन्हें कैसे प्रमोट किया जा सकता और कैसे यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जा सकती है के बारे में अपने सुझाव दिए। युवा शोधार्थियों ने भी अपने सुझाव देकर उन पर अमल करने की बात कही। युवा मोटीवेटर अजय ठाकुर ने पुरातत्व स्थलों के साथ जल संरक्षण की बात कही। उन्होंने कहा कि जिले की धरोहरों को सहेजना और संरक्षित रखना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। शासन प्रशासन भी पुरातत्व स्थलों के संरक्षण और विकास को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। समय-समय पर इनके रख-रखाव और विकास को लेकर जानकारी एकत्रित कर योजनाएं बनाई जा रही है। जिन्हें कलेक्टर और सीईओ के मार्गदर्शन में मूर्त रूप दिए जाने गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं।
छात्र शुभम बोपचे ने बताया कि पत्रिका की पहल पर उन्हें जहां संग्रहालय का भ्रमण करने अवसर मिला। वहीं जिले की प्राचीनतम धरोहरों के बारे में भी अच्छी जानकारी मिली। छात्रा मीनाक्षी सिंगोतिया ने बताया कि छात्रों को पुरातात्विक जानकारी प्रदान करने के लिए पत्रिका ने अच्छी पहल की है। इस पहल के चलते उन्हें जिले की धरोहरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली है। छात्र अंकित उपाध्याय ने बताया कि पुरातत्व शोध संग्रहालय में आने के बाद उन्हें प्राचीनतम प्रतिमाओं के बारे में जानकारी मिली। यह सब कुछ पत्रिका की पहल पर हुआ है। इसके अलावा अन्य विद्यार्थियों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए।
इस अवसर पर भूगर्भ शास्त्री डॉ संतोष सक्सेना, पर्यावरण विद प्रेमप्रकाश त्रिपाठी, समीर गहरवार, निशांत सिंह बैस, पर्यटन प्रबंधक एमके यादव, युवा मोटीवेटर अजय ठाकुर, अखिलेश पटले, मीनाक्षी सिंगोतिया, भक्ति त्रिवेदी, शुभम बोपचे, अंकित उपाध्याय सहित कॉलेज के छात्र-छात्राएं और शोधार्थी मौजूद थे।

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