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तीन मिलरो की अमानत राशि राजसात कर करवाई जा रही भरपाई

5.47 करोड़ के धान की गई है अफरा-तफरी, पुलिस ने दर्ज की है एफआईआर शासन के पास इन मिलर्स की 3 करोड़ 92 लाख की जमा है अमनात राशि बकाया राशि शेष रहने पर कलेक्टर जारी करेंगे आरआरसी निर्धारित समय पर मिलिंग का चांवल जमा नहीं करने पर दो रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से लगाई जाएगी पेनाल्टी नागरिक आपूर्ति निगम प्रबंधक ने जारी किया फरमान
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बालाघाट कस्टम मिलिंग घोटाला

बालाघाट कस्टम मिलिंग घोटाला

मिलिंग के लिए अनुबंधित मिलर्स को दिए गए धान की अफरा-तफरी मामले में प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों ने तीन मिलो से गायब हुई 23808 क्विंटल धान की करीब साढ़े पांच करोड़ की राशि वसूल करने प्रयास तेज कर दिए हैं। मिलर्स से जमा करवाई गई अमानरत राशि राजसात की जा रही है। इसके बाद भी राशि शेष होने पर कलेक्टर के माध्यम से आरआरसी (कुर्की) की कार्रवाई की तैयारी की गई है। नागरिक आपूर्ती निगम ने सभी मिलर्स को समय पर सीएमआर (कस्टम मिलिंग राइस) जमा करने के निर्देश भी दिए हैं। निर्धारित समय पर सीएमआर जमा नहीं करने पर दो रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से पेनाल्टी लगाए जाने का फरमान भी जारी किया गया है।

बता दें कि धान के सत्यापन कार्य के दौरान जिले की तीन राइस मिलो से सरकारी धान गायब पाया गया है। इनमें खैरलांजी स्थित श्रीमातारानी राइस मिल से एक करोड़ 49 लाख 22 हजार 331 रुपए का 6488 क्विंटल, लांजी स्थित मां पूर्णा राइस मिल से एक करोड़ 29 लाख 46 हजार 700 रुपए का 5629 क्विंटल और लालबर्रा स्थित मां कमला देवी राइस मिल गर्रा से दो करोड़ 68 लाख 89 हजार 300 रुपए का 11691 क्विंटल कुल 5 करोड़ 47 लाख 58 हजार 331 रुपए का 23808 क्विंटल धान गायब होना पाया गया है। तीनों मिल संचालक क्रमश: विवेक मिश्रा, विवेक मस्करे और सुधीर तिवारी, विशाल गंगवानी पर संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

चार करोड़ की अमानरत राशि राजसात

नागरिक आपूर्ति निगम प्रबंधक आरके ठाकुर के अनुसार उक्त तीनों मिलरो की अमानत राशि के रूप में जमा एफडी बैंक ग्यारंटी 3 करोड़ 92 लाख 70 हजार रुपए राजसात की कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद जो राशि शेष बची है, वह कलेक्टर द्वारा भू राजस्व के बकाया की भांति वसूली प्रमाण पत्र आरआरसी जारी कराकर की जाएगी। अमानत राशि राजसात करने के बाद इन मिलरों पर करीब एक करोड़ 54 लाख 88 हजार 331 रुपए की बकाया राशि शेष बच रही है। इसके लिए आरआरसी की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

पेनाल्टी के लिए जारी किया फरमान

इधर मप्र शासन की कस्टम मिलिंग नीति, अनुबंध की कंडिका क्रमांक 18.2 में बिंदु क्रमांक 4 के अनुसार पेनाल्टी वसूल करने के लिए भी मिलरों को फरमान जारी किया गया है। आरके ठाकुर के अनुसार मिलर द्वारा उठाई गई धान का प्राप्ति दिनांक से 25 दिवस की अवधि में एफसीआई के गोदाम में चांवल जमा नहीं करने पर कम जमा मात्रा पर दो रुपए प्रति क्विंटल प्रति दिन की पेनाल्टी भी लगाई जाएगी। बताया गया कि सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित है। वर्तमान समय तक करीब 12 से 13 मिनरो ने पूरा सीएमआर जमा नहीं करवाया है।
वर्सन
धान की अफरा तफरी मामले में तीन मिलर्स की अमानत राशि राजसात की जा रही है। इसके बाद शेष राशि की वसूली आरआरसी के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा जिले के जिन मिलरो के द्वारा धान उठाव के बाद सीएमआर जमा करने में विलंब किया गया है, उन समस्त मिलरो को भुगतान के समय नियमानुसार पेनल्टी अधिरोपित की जाएगी।
आरके ठाकुर, प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम