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बालाघाट-सिवनी हाइवे पर दो घंटे तक थमे रहे वाहनों के पहिए

किसानों का उग्र आंदोलन, किया चक्काजाम- एसडीएम और एसडीओपी ने समझाइश देकर शुरू करवाया आवागमन सुरक्षा के लिहाज से पांच थानों का तैनात रहा पुलिस बल 31 सौ रुपए समर्थन मूल्य, 24 घंटे बिजली सहित 12 सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने की मांग

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किसानों का उग्र आंदोलन, किया चक्काजाम-

किसानों का उग्र आंदोलन, किया चक्काजाम-

चुनावी वादे अनुसार धान का समर्थन मूल्य 31 सौ रुपए किए जाने, 24 घंटे बिजली सहित 12 सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे किसानों का बुधवार को आक्रोश भडक़ उठा। जिन्होंने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लालबर्रा में ट्रैक्टर रैली निकाल गांधी मंच पर धरना प्रदर्शन किया। बालाघाट-सिवनी नेशनल हाइवे पर थाने के सामने चक्काजाम आंदोलन किया। करीब दो घंटे चले इस आंदोलन के दौरान बालाघाट सिवनी के बीच यात्री बसों के अलावा सभी बड़े वाहनों का आवागन बाधित रहा। मौके पर एसडीएम और एसडीओपी पहुंचे। जिन्होंने किसानों की मांगों से शासन को अवगत कराने सहित स्थानीय स्तर की मांगों के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिया। तब कही जाकर किसान माने और चक्का जाम आंदोलन को विराम दिया।
पूरे आंदोलन के दौरान लालबर्रा बस स्टैंड, थाना परिसर आदि क्षेत्रों में गहमा-गहमा व तनाव का माहौल रहा। सुरक्षा के लिहाज से वज्र वाहन के साथ करीब पांच थानों का पुलिस बल तैनात रहा।

किसानों की प्रमुख मांगें

:- वैनगंगा नदी से लिफ्ट सिंचाई परियोजना की स्वीकृति
:- मुरुमनाला, चावरपानी, टेकाड़ी, रानी उमरझोला, कटंगझरी तक पाइप लाइन विस्तार।
:- 24 घंटे बिजली आपूर्ति।
:- रबी सीजन हेतु पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था।
:- नहरों की मरम्मत व सुधार कार्य।
:- धान का समर्थन मूल्य 3100 रु प्रति क्विंटल।
:- गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रु प्रति क्विंंटल।
:- सोसायटी में खाद बीज का पर्याप्त भंडारण।
:- खेत पहुंच मार्गों का विकास।
:- कृषि विद्युत लाइन का विस्तार
:- उत्पादन आधारित भंडारण व्यवस्था।
:- 40.500 ग्राम का सही तोल अनिवार्य।
:- नेशनलाइज्ड बैंक खाताधारकों को नगद खाद वितरण सुविधा।

ट्रैक्टर रैली निकाल की नारेबाजी

बुधवार की दोपहर बड़ी संख्या में किसान लालबर्रा मुख्यालय में जुटे। जिन्होंने पहले ट्रैक्टर रैली निकाल नारेबाजी करते हुए नगर भ्रमण किया। इसके बाद हाइवे पर थाने के सामने चक्काजाम आंदोलन शुरू कर दिया। मौके पर सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित किसानों के बैठने से जाम लग गया। सभी बड़े वाहनों के पहिए थम गए थे और सडक़ के दोनों ओर लंबी कतारें लग गई थी। यात्रिगण और चालक बेजा परेशान होते नजर आए।

कलेक्टर को बुलाने की जिद

किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी समस्याएं नहीं सुनी जातीं, वे नहीं हटेंगे। कलेक्टर मृणाल मीणा को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर भी किसान अड़े रहे। स्थिति गंभीर होते देख वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी और एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने किसानों को समझाइश दी। इसके बाद जाम खुलवाया गया।

पांच थानों की तैनात रही पुलिस

किसान आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति घटित न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने माकूल इंतजाम कर रखे थे। मौके पर वज्र वाहन के साथ तिरोड़ी, वारासिवनी, रामपायली, खैरलांजी और लालबर्रा थाने का पुलिस तैनात रहा। राजस्व अधिकारी भी मौके पर डटे रहे। अंत में किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंप अपने आंदोलन को विराम दिया।

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