
बालाघाट से बैहर राज्य मार्ग पर बंजारी में किया चक्काजाम
वर्षो से मोबाइल नेटवर्क और अन्य मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूंट पड़ा। नाराज करीब 30 ग्राम के ग्रामीणों ने बालाघाट से बैहर पहुंच मार्ग के बंजारी में चक्काजाम आंदोलन शुरू कर दिया। मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थी। यात्रियों और वाहन चालकों को परेशान होते भी देखा गया।
जानकारी लगने पर मौके पर करीब तीन थानों की पुलिस पहुंची। जिन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखा। राजस्व अधिकारियों ने पहुंंचकर ग्रामीणों को दो दिनों में नेटवर्क समस्या का समाधान करने इसके बाद अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए भी प्रयास करने का भरोसा दिलाया। तब कहीं जाकर ग्रामीण माने और आंदोलन को समाप्त किया।
जानकारी के अनुसार नक्सल प्रभावित बैहर और परसवाड़ा विकासखंड अंतर्गत घने जंगल के अंदर बसे 30 से अधिक गांवों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार नेटवर्क की समस्या का असर पंचायतों के कामकाज पर पड़ रहा है। नेटवर्क मिलाने कई बार पंचायत के कर्मी ऊंचाई वाले स्थान पर जाते है, लेकिन कम नेटवर्क मिलने पर काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं। पंचायतों में सारे कामकाज प्रभावित हंै।
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के अनुसार नक्सल प्रभावित ग्राम पंचायत मोहनपुर इसके अंतर्गत आने वाले 7 ग्राम, चालीसबोड़ी व इसके अंतर्गत आने वाले 4 ग्राम, इसी तरह कावेली के पांच ग्राम, कसंगी के 6 ग्राम, पुलिस चौकी कसंगी, सोनेवानी, 14 प्राथमिक, एक हाईस्कूल, 5 मिडिल स्कूल, दो छात्रावास मोहनपुर और कान्हाटोला में आए दिन मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। घने जंगलों में बीएसएनएल के अधिकांश टावर बंद पड़े हंै।
नेटवर्क के अभाव में केवायसी, पेंशन आवेदन, संबल योजना, मनरेगा योजना अंतर्गत निर्माण कार्यों का जीओटेक नहीं हो रहा है। साथ ही वर्क रजिस्ट्रेशन, डिमांड डालना, मस्टररोल जनरेट करना, मजदूरों की ऑनलाइन हाजरी, मस्टर रोल फील करने के अलावा यदि किसी ग्रामीण को सर्प डस दें या प्रसव पीढा होने पर ग्रामीण नेटवर्क नहीं होने से एम्बुलैंस को फोन कर बुला भी नहीं सकते हैं। इसके अलावा ग्रामीणों की मांग है कि बीएसएनएल के अलावा जीओ का फोरजी नेटवर्क, सिचाई हेतू जलाशय की व्यवस्था, बंजारी की बसाहट यथावत रखा जाए। बिजली की समस्या को भी सुधारा जाए।
अपनी सभी मांगों को लेकर करीब तीन सैकड़ा से अधिक ग्रामीण बीच सडक़ पर धरने पर बैठ गए थे। तीन थानो के पुलिस बल के अलावा उकवा तहसीलदार, परसवाड़ा एसडीएम अन्य अमले के साथ मौके पर पहुंचे। जिन्होंने ग्रामीणों की सभी समस्याएं सुनी। मौके पर बीएसएनएल अधिकारियों को भी बुलाया गया। दो दिनों में नेटवर्क समस्या का समाधान व अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए भी शीघ्रता से प्रयास किए जाने की भरोसा दिलाया गया। तब ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त किया।
वर्सन
मुख्य रूप से मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन किया था। सभी समस्याएं सुनी गई। मौके पर बीएसएनएल विभाग के अधिकारियों को बुलाकर दिशा निर्देश दिए गए हंै। शीघ्र ही नेटवर्क समस्या को बहाल करने प्रयास किए जा रहे हैं।
मधुवंत राव धुर्वे, एसडीएम परसवाड़ा
Published on:
22 Aug 2025 07:49 pm
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