
राजीव सागर बांध का लगातार 1 माह से बह रहा पानी
तिरोड़ी। दो राज्यों की संयुक्त वृहद सिंचाई परियोजना राजीव सागर बांध में बांयी तट जलद्वार (हेड स्लूस) करीब एक माह पहले से क्षतिग्रस्त है। इस वजह से बांध का बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह रहा है। इधर, विभाग के तमाम अफसरों को जलद्वार के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी होने के बावजूद आज तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं करवाया है। मिली जानकारी अनुसार गत दिनों विभाग के वरिष्ट अधिकारियों ने जलद्वार के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया। हालाकिं इसके बाद मरम्मत कार्य कराने की बजाए बांध से निकलने वाले पानी को नहर की माध्यम से नालों में बहाया जा रहा है। नालों से यह पानी बावनथड़ी नदी तक जा रहा है। सूत्रों की माने तो विभागीय अधिकारियों ने जानबुझकर एक बड़े व्यवसायी को फायदा पहुंचाने के लिए पानी निकालने के फाटक को क्षतिग्रस्त किया है तथा मरम्मत नहीं की जा रही है।
मिली जानकारी अनुसार राजीव सागर बांध की बांयी तट नहर का वह फाटक है जहां से समय-समय पर किसानों की मांग अनुसार पानी दिया जाता है या फिर बारिश के दिनों में बांध के जलस्तर को यहां से नियत्रंण किया जाता है। ग्रामीणों की माने तो यह फाटक करीब 1 माह से क्षतिग्रस्त है। जिससे निकलने वाले पानी को जंगल के रास्ते, सीतापठोर के पास चैन क्रमांक 77 एवं खरपडिय़ा नाले में बहाया जा रहा है। यहां से निकलने वाला पानी बावनथड़ी नदी में भी प्रवाहित हो रहा है। अगर, इस बहते पानी को शीघ्र ही नही रोका गया तो बांध का जलस्तर कमजोर होगा तथा गर्मी के दिनों में किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा। फिलहाल अधिकारियों ने 4-5 दिनों के भीतर कार्य एंजेसी तैयार कर मरम्मत करवाने का दावा किया है। दो दिन पहले नागपुर की टीम ने भी मौके का निरीक्षण की है।
प्राप्त जानकारी अनुसार बांध की जल संग्रणह क्षमता 344.40 मीटर है। 2013 में जल में पहली बार शत-प्रतिशत जल संग्रहण किया गया था। इस साल शानदार बारिश के बाद 77 प्रतिशत जल संग्रहण किया गया है। अभी हाल ही में होने वाली बारिश से फिर एक बार 1 प्रतिशत अधिक जल संग्रहित हुआ लेकिन बांयी तट का जलद्वार क्षतिग्रस्त होने से लगातार पानी बह रहा है। इसकी मरम्मत कराने में विभागीय अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। लेकिन मामला प्रकाश में आने के बाद अधिकारी शीघ्र ही मरम्मत करने की बात कह रहे हैं।
इनका कहना है-
नागपुर की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है। एक सप्ताह के भीतर क्षतिग्रस्त द्वार की मरम्मत कर ली जाएगी।
एसआर भलावी, कार्यपालन यंत्री राजीव सागर बांध
Published on:
24 Jan 2020 02:43 pm
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