script बिना फिल्म के चल रहा एक्स रे विभाग का काम | X-ray department's work going on without film | Patrika News

बिना फिल्म के चल रहा एक्स रे विभाग का काम

locationबालाघाटPublished: Feb 03, 2024 08:56:13 pm

Submitted by:

mukesh yadav

एक माह से बना हुआ है एक्स रे फिल्म का टोटा
मोबाइल पर मरीज को दे रहे एक्स रे रिपोर्ट की फोटो
रिकॉर्ड मेंटेनेंस करने निकलनी पड़ रही फोटो कॉपी

बिना फिल्म के चल रहा एक्स रे विभाग का काम
बिना फिल्म के चल रहा एक्स रे विभाग का काम
बालाघाट. जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में पिछले एक माह से एक्स रे फिल्म का टोटा बना हुआ है। लेकिन एक्स रे शाखा को एक्स रे फिल्म उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जबकि रोजाना एक्स-रा कराने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा सकता है। फिल्म ना होने से जिला अस्पताल का एक्सरे विभाग इतना अधिक डिजिटल हो गया है कि फिल्म ना से मरीज को सीधे उसके मोबाइल में एक्स रे रिपोर्ट की फोटो दी जा रही है। मोबाइल में मिली उसी फोटो को देखकर चिकित्सक भी मरीजों का मर्ज पहचान उनका इलाज कर रहे हैं। यह सिलसिला जिला अस्पताल में पिछले एक माह से देखा जा रहा है। बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
एक्स-रे विभाग में कार्य करने वाले कर्मचारी परेशान है। वहीं मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सक भी मोबाइल में आई एक्स-रे फिल्म की फोटो देखकर उपचार करने मजबूर है।
10 जनवरी से खत्म हुई फिल्म
विभागीय सूत्रों के अनुसार एक्स रे विभाग में पिछले 10 जनवरी से एक्स रे फिल्म का टोटा बना हुआ है। बताया गया कि विभाग को यह एक्स रे फिल्म सिविल सर्जन स्टोर से प्राप्त होती है। मांग के अनुरूप एक्स रे फिल्म, कॉरपोरेशन भोपाल से सिविल सर्जन स्टोर में मुहैया कराई जाती है। लेकिन आज दिनांक तक फिल्म मुहैया नहीं हो पाई है।
स्मार्ट फोन नहीं होने पर फजीहत
एक्स रे फिल्म नहीं होने पर सर्वाधिक परेशानी ऐसे मरीजों को उठानी पड़ रही है, जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं होते हंै या कीपैड़ वाले मोबाइल है। इस तरह के मरीजों को विभागीय कर्मचारी उनके परिजन या फिर दूसरे मरीज के मोबाइल में एक्सरे रिपोर्ट डाल रहे हैं। इसके बाद दोनों मरीजों को चिकित्सक के पास रिपोर्ट दिखाने के लिए पहुंचा दिया जा रहा है। कई मामलों में कर्मचारी संबंधित मरीज की रिपोर्ट की फोटो सीधे चिकित्सक के मोबाइल पर भेज रहे हैं।
रिकॉर्ड के लिए फोटोकॉपी का सहारा
एक्स रे विभाग में एक्स रे करने पहुंचने वाले मरीज का एक्स रे और उनकी रिपोर्ट का रिकॉर्ड रखने के लिए एक्स रे की फोटो कॉपी कराकर कागजों में हिसाब मेंटेनेंस किया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के साथ ही मरीज भी परेशान है। रिकॉर्ड मेंटेनेंस करने में परेशानियां उठानी पड़ रही है।
मार्केट में आठ हजार कीमत
बताया जा रहा है कि एक्स-रे विभाग के सीएस स्टोर से एक बार में 25 से 30 फिल्म के पैकेट एक्स-रे विभाग को दिए जाते हैं। एक पैकेट में 150 फिल्म आती है। जानकारी के अनुसार 150 फिल्मों वाले एक पैकेट की कीमत मार्केट में 8 हजार 663 रुपए होती है। शायद यही वजह है कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए भी मार्केट से एक्स-रे फिल्म नहीं खरीदी जा रही है। डिजिटल एक्स-रे का यह सिलसिला अस्पताल में पिछले एक माह से यूं ही चल रहा है।
रोजाना मरीज हो रहे परेशान
बताया जा रहा है कि एक्स-रे फिल्म के अभाव में मरीजों को मोबाइल पर रिपोर्ट भेजी जा रही है। इस व्यवस्था में उन मरीजों के सामने संकट खड़ा हो गया है, जिनके पास एंड्रायड मोबाइल फोन नहीं है। साधारण कीपैड वाले मोबाइल व कम स्टोरेज क्षमता वाले एंड्रायड मोबाइल पर एक्सरे फिल्म देना संभव नहीं है, जिससे मरीज व कर्मचारी दोनों परेशान हो रहे हैं। इधर कैमरा ठीक न होने व हिलने पर रिपोर्ट साफ नहीं आती है, जिससे फिर से जांच करानी पड़ती है।
वर्सन
डिमांड भेज दिए हैं-सीएस
वर्तमान में एक्स रे फिल्म खत्म हो चुकी है। डिजिटल कार्य कराया जा रहा है। हमने एक्स-रे फिल्म के लिए डिमांड भेजे हैं। जल्द ही फिल्म प्राप्त हो जाएगी। ज्यादातर मरीजों के लिए एक्स-रे फिल्म मायने नहीं रखती। चिकित्सक डिजिटल फॉर्म में देखकर भी उसका उपचार कर सकते हैं। केवल शासकीय कर्मचारियों के कार्य, एमएलसी या कोर्ट में एक्स रे रिपोर्ट देने के लिए परेशानी हो सकती है।
डॉ संजय धबडग़ांव, सिविल सर्जन

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