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अम्बेडकर समाज पार्टी ने धार्मिक ग्रंथ को लगाई आग, चप्पलों से पीटा

साथ ही ग्रंथ को चप्पलों से पीटा गया

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अम्बेडकर समाज पार्टी ने धार्मिक ग्रंथ रामायण और गीता को लगाई आग, चप्पलों से पीटा

बलिया. जिले के रसड़ा में अम्बेडकर समाज पार्टी से जुड़े भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया। साथ ही ग्रंथ को चप्पलों से पीटा गया। मामले पर पुलिस कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से इनकार कर रही है। हालांकि अम्बेडकर समाज पार्टी के लोगों के इस कृत्य़ को देखकर जिले के लोगों में काफी नाराजगी है।

बतादें कि रसड़ा थाना क्षेत्र में प्यारेलाल चौराहे पर अम्बेडकर समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं रामायण और गीता समेत हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी कई तस्वीरों को आग के हवाले कर दिया। अम्बेडकर समाज पार्टी के महिला ब्रिगेड की राष्ट्रीय महासचिव शबनम सिंह उर्फ गीता की अगुवाई में पहुंची भीड़ ने धार्मिक ग्रंथ जलाने के साथ ही आपत्तिजनक नारे भी लगाये। साथ ही चप्पलों से धार्मिक ग्रंथ के वार करने की भी तस्वीरें कैमरे में कैद हुईं।

पुलिस अधीक्षक ने बोलने से किया इनकार

इस बाबत पत्रिका संवाददाता ने जब पुलिस अधीक्षक से जानना चाहा तो उन्होन कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि एसपी ने लोगों से पूछताछ शुरू कर दिया है। मीडिया के सामने बोलते हुए अम्बेडकर समाज पार्टी से जुड़े लोगों ने कहा कि नौ अगस्त को दिल्ली में भारतीय संविधान को जलाया गया था। इसी के खिलाफ हम लोगों ने रामायण और गीता का दहन किय़ा है।

कहा हम हिंदू नहीं दलित हैं

धार्मिक ग्रंथ जलाने को लेकर जब मीडिया ने सवाल किया कि अपने धर्म के ग्रंथ को क्यूं जला रहे हैं तो इनका कहना था कि हम हिंदू नहीं दलित हैं। ये लोग सवर्णों भारत छोड़ों के नारे भी लगा रहे थे।

धार्मिक विवाद बढ़ाने की साजिश!

सूत्रों की मानें तो ये इस घटना के पीछे किसी बड़े राजनीति का संदेह हो रहा है। तकरीबन 10 दिन बीत जाने के बाद संविधान जलाने का विरोध अब किया जाना लोगों के गले उतर नहीं रहा है। माना जा रहा है कि धार्मिक विवाद बढ़ाने के लिए ऐसे प्लान किया गया होगा। हालांकि पुलिस पुरी सक्रियता दिखा रही है। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।