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Ballia News : माता-पिता अपनी लड़की की शादी अच्छे से अच्छे वर से करने की कोशिश करते हैं। कोई डॉक्टर तो कोई इंजिनियर दामाद ढूंढता है, लेकिन अक्सर ये डॉक्टर और इंजिनियर फर्जी निकलते हैं। ऐसे ही एक मामले में बलिया कोर्ट ने बड़ा फैसला देते हुए फर्जी डॉक्टर दूल्हा और उसके माता-पिता को सजा सुना दी। दस साल पुराने इस मामले में दूल्हे को 5 साल तो उसके माता-पिता को तीन-तीन साल की सजा हुई है। मामला लड़की के भाई ने साल 2013 में दर्ज कराया था।
28 मई 2013 को हुई थी
वादी मुकदमा दुल्हन सुनीता के भाई सुनील वर्मा ने बताया कि उसने अपनी बहन की शादी 28 मई 2013 को फेफना थानाक्षेत्र के सागरपाली गांव में की थी। लड़का पक्ष ने दूल्हे को डॉक्टर बताया था। इस बता से हमारे पूरे परिवार में खुशी का माहौल था क्योंकि मेरी बहन पढ़ी लिखी है। सदर कोतवाली के जापलिनगंज पुलिस चौकी अंर्तगत रहने वाले वादी मुकदमा ने बताया कि जब बहन ससुराल पहुंची तो एक हफ्ते के अंदर डॉक्टर दूल्हे की सच्चाई सामने आ गई।
किया विरोध तो शुरू हुई प्रतड़ना
सुनील ने बताया कि सुनीता ने जब इस सम्बन्ध में बात करनी चाहिए तो दूल्हे ने उसकी पिटाई और परिजनों ने प्रतड़ना शुरू कर दी। इसके बाद दहेज की डिमांड की जाने लगे। डिमांड इतनी बढ़ गई की ससुराल पक्ष ने मेरी बहन को 15 दिसंबर 2014 को मारपीट कर घर भेज दिया। बहन घर पहुंची और उसने आपबीती बताई साथ ही पति के डॉक्टर न खोल दिया। उसने बताया कि दहेज के लिए यह सब नाटक किया गया था।
CJM कोर्ट बलिया ने दिया फैसला
इसपर सुनीता के भाई ने फेफना थाने में सागरपाली गांव निवासी सुनीता के फर्जी डॉक्टर पति सुनील वर्मा ससुर शिव शंकर और सास राधिका के खिलाफ सम्बंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया। दस साल की सुनवाई के बाद बलिया कोर्ट में सीजेएम शांभवी यादव ने फैसला सुनाया। उन्होंने दूल्हे को 5 साल और दूल्हे के माता - पिता को 3-3 साल के कारावास की सजा सुनाई। इतना ही नहीं 15 - 15 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
Published on:
06 Jun 2023 07:33 am
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