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Ballia News: बलिया में गोलियों तड़तड़ाहट, आयुष यादव हत्याकांड के 4 आरोपियों को लगी गोली

बलिया जिले के चर्चित आयुष यादव हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उभांव थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में शनिवार देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में हत्या में शामिल चार शूटर घायल हो गए।
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बलिया

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Abhishek Singh

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Updated: 21 Dec 2025, 1:37 PM IST

Ballia Crime: बलिया जिले के चर्चित आयुष यादव हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उभांव थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में शनिवार देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में हत्या में शामिल चार शूटर घायल हो गए। इस दौरान एक बदमाश फरार होने के बाद पकड़ा गया। पूछताछ में 5 बदमाशों ने 13 दिसंबर को राहुल उर्फ आयुष यादव की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिससे हत्याकांड की साजिश का खुलासा हुआ।

पुलिस ने मुठभेड़ की दी जानकारी

अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार शुक्ल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि उभांव थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव में कुछ बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां दो चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल खड़ी मिली। इसी दौरान एक व्यक्ति भागते हुए चिल्लाया, "पुलिस को मारो, पुलिस ने घेर लिया है।"

बदमाशों ने पुलिस पर फायर झोंका

पुलिस ने बदमाशों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। हालांकि, बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में चार बदमाश घायल हो गए। एक बदमाश मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में पकड़ लिया गया।

घायल बदमाशों की पहचान नितिश यादव, दिलीप यादव और सतीश यादव (सभी निवासी थाना भीमपुरा) के रूप में हुई है। एक अन्य बदमाश ने अपना नाम राहुल वर्मा निवासी थाना उभांव बताया।

पूछताछ के दौरान, इन आरोपियों ने 13 दिसंबर को राहुल उर्फ आयुष यादव की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, नितिश, दिलीप और सतीश सीधे तौर पर आयुष यादव की हत्या को अंजाम देने वाले शूटर थे।

आयुष हत्याकांड में हुआ अहम खुलासा

बलिया एएसपी ने बताया कि राहुल वर्मा मुखबिरी का काम करता था। आयुष यादव की हत्या की साजिश राहुल वर्मा के भाई रोहित वर्मा, पवन सिंह, राज वर्मा और राबिन सिंह ने मिलकर रची थी। इस साजिश में आनंद वर्मा निवासी ग्राम डूमरी, थाना रामपुर (मऊ) को अहम कड़ी बताया गया है। उसने शूटरों को उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से 7.82 बोर पिस्टल (1 खोखा, 2 जिंदा कारतूस), 32 बोर पिस्टल (2 खोखा, जिंदा कारतूस), .315 बोर तमंचा (खोखा व जिंदा कारतूस), दो चार पहिया वाहन (हैरियर और औरा), एक मोटरसाइल बरामद किया है।

एएसपी दिनेश कुमार शुक्ल ने कहा कि आयुष यादव हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की पहचान हो चुकी है। फरार और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। वहीं एक दिन पहले रॉबिन सिंह ने मऊ कोतवाली में सरेंडर कर दिया है।