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Ballia News: मलप हरसेनपुर में बनेगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट, कचरे की से तैयार होगी सड़क बनाने की सामग्री, जानें कैसे होगी प्रोसेसिंग?

नगरा ब्लॉक के मलप हरसेनपुर गांव में जनपद का दूसरा प्लास्टिक कचरा निस्तारण केंद्र का निर्माण होगा। इसके लिए पंचायती राज विभाग की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से ग्राम पंचायत को 16 लाख की धनराशि भी जारी कर दी गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।

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बलिया : स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण से गांवों को बचाने की कवायद जारी है। इसके लिए प्लास्टिक कचरे का निस्तारण अब पंचायत स्तर पर करने का कार्य शुरु हो चुका है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सुखपुरा में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। इसके निर्माण के लिए पंचायती राज विभाग ने 16 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। एन एच 727 बी से थोड़ी दूर निर्मित इस यूनिट पर आसपास के गांवों के प्लास्टिक कचरे को मंगाकर उसकी प्रोसेसिंग की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि पंचायत स्तर पर प्लास्टिक एकत्र करने के लिए जो संग्रहण केंद्र बने हैं वहां से कचरे को प्लास्टिक प्रोसेसिंग यूनिट पर लाया जाएगा। इसमें सबसे अधिक कचरा प्लास्टिक बोतल के अलावा ड्राई फूड के रैपर होंगे। जिसे लोग संगहण केंद्रों में रखेंगे।

प्रोसेसिंग से तैयार सामग्री का उपयोग सड़क निर्माण में होगा। सड़क बनाने वाली एजेंसियों को इसकी बिक्री की जाएगी। इसके लिए जिले का पहला प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट बेरुआरबारी ब्लॉक के सुखपुरा गांव में स्थापित करने का कार्य चल रहा है। अब दूसरी यूनिट स्थापित करने की भी कवायद तेज हो गई है। यह यूनिट नगरा ब्लॉक के मलप हरसेनपुर गांव मं स्थापित होगा। इससे पर्यावरण सुधार के साथ ही साथ रोजगार भी मिलेगा।


प्लास्टिक कचरा पर्यावरण के लिए गंभीर संकट बना हुआ है

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार प्रदूषध में सबसे अधिक हिस्सेदारी प्लास्टिक कचरा की है। दस फीसदी प्लास्टिक कचरा ही री-साइकिल होता है जबकि 90 फीसदी कचरा पर्यावरण के लिए नुकसानदेह साबित होता है। इसी को देखते हुए सरकार ने पंचायत स्तर पर इस योजना को शुरू किया है। इस यूनिट से ग्रामीणों को रोजगार भी मुहैया कराया जाएगा।

सड़क निर्माण करने वाले एजेंसी को बेची जाएगी प्लास्टिक डस्ट


प्लास्टिक मैनेजमेंट यूनिट में प्लास्टिक को अलग-अलग तरीके से प्रोसेस करने के लिए तीन तरह की मशीनें लगाई जाएंगी। इसमें बेलिंग मशीन, डस्ट रिमूवर और कटर मशीन होगा। हार्ड प्लास्टिक को बेलिंग मशीन से कंप्रेस किया जाएगा जबकि डस्ट रिमूवर से गंदगी बाहर निकालने की व्यवस्था होगी। कटर मशीन से सिंगल यूज प्लास्टिक को छोटे टुकड़े में काटा जाएगा जो डस्ट रुप में होगा। प्लास्टिक को तारकोल में मिलाकर सड़कें बनाई जाएंगी, जो पहले से अधिक मजबूत होंगी और उनमें पानी रोकने की क्षमता अधिक होगी