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सगाई के बाद लड़के की हो गई मौत, एक महिला बनी कारण- पढ़े दर्दनाक कहानी

यूपी के बलिया में एक घर की खुशियां मातम में बदल गईं...

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बलिया

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Jyoti Mini

Nov 30, 2017

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यूपी के बलिया में एक घर की खुशियां मातम में बदल गईं...

बलिया. यूपी के बलिया में एक घर की खुशियां मातम में बदल गईं। बिल्थरारोड, जहां कोई नहीं जानता कि कब किसके साथ क्या हो जाए। एक घर, कल जहां बसती थी खुशियां, आज है मातम वहां। वक्त ही लाया था बहारे, वक्त ही लाया है खिजां।

वक्त पर रचित यह पंक्ति उभांव थाना क्षेत्र के चौकिया मोड़ निवासी वीरेन्द्र कुमार गुप्त की मौत पर अक्षरश: चरितार्थ हो रही है। अभी पांच दिन पहले ही वीरेन्द्र की सगाई हुई थी। सगाई की मिठाई अभी समाप्त भी नहीं हुई थी। घर-परिवार में खुशियों का माहौल था, लेकिन पलक झपकते ही सबकुछ चकनाचूर हो गया। खुशियों का माहौल गम की चादर ओढ़ लिया। परिवार में करूण-क्रंदन व कोहराम मच गया। वीरेन्द्र के परिजन समझ नहीं पा रहे हैं कि, विधाता ने उनके साथ ऐसी क्रूरता क्यों की? उधर, कन्या पक्ष भी मर्माहत है। उनके घर उदासी छाई है।

24 नवम्बर को वीरेन्द्र कुमार गुप्त की सगाई मऊ जनपद के एक मैरेज हाल में सम्पन्न हुई थी। सगाई के साथ ही वर-कन्या पक्ष ने विवाह की तिथि 23 फरवरी 2018 निर्धारित कर लिया। सगाई में दोनों पक्ष के नाते-रिश्तेदार भी जुटे थे, जो सगाई की खुशियां लेकर वापस लौटे थे। उन्हें क्या पता था कि, उनका वीरेन्द्र इतना जल्दी साथ छोड़ देगा। बुधवार को सबकुछ ठीक ठाक था। वीरेन्द्र खुशी-खुशी किसी काम से बाजार जा रहा था, तभी विधाता की कुदृष्टि उस पर पड़ी और अचानक की विशाल सिनेमा मार्ग मोड़ के पास एक महिला उसकी बाइक के सामने आ गई।

वीरेन्द्र ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन विधाता को कुछ और ही मंजूर था। बाइक पलटने से घायल वीरेन्द्र को लेकर परिवार के लोग मऊ जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही वह चिरनिन्द्रा में सो गया। बुधवार की देर शाम वीरेन्द्र का अंतिम संस्कार तुर्तीपार घाट पर किया गया। घाघरा तट पर इस हृदयविदारक दृश्य को जो भी देखा, उसकी आंखें बरस पड़ी।

input- अमित कुमार