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जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में पांचवें दीक्षांत समारोह का हुआ आयोजन

जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह का आयोजन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में रविवार को हुआ।

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जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में पांचवें दीक्षांत समारोह का हुआ आयोजन

बलिया: बसंतपुर स्थित जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह का आयोजन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में रविवार को हुआ। इस दौरान कुल 24 हजार 802 विद्यार्थियों ने उपाधि प्राप्त किया। जिसमें स्नातक स्तर के 21 हजार 372 व स्नातकोत्तर स्तर के 3 हजार 430 विद्यार्थी शामिल रहे।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षान्त का अर्थ शिक्षा का अंत होना नहीं है, बल्कि एक ऐसा पड़ाव है जहां विद्यार्थी अपनी अर्जित शिक्षा को कर्म क्षेत्र में उतारने का संकल्प लेता है। किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति में सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा ही है। मुझे विश्वास है कि आपने इस विश्वविद्यालय से जो शिक्षा ग्रहण की है, वह आपके जीवन-पथ को आलोकित करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, राजनीतिक, प्रशासन, खेल और कला आदि कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं बचा है, जहां बेटियां अपनी प्रतिभा का लोहा न मनवा रही हों। यह प्रत्येक क्षेत्र में लड़कों की न सिर्फ बराबरी कर रही हैं, बल्कि कई क्षेत्रों में ये लड़कों से आगे नजर आ रही है। सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए तमाम योजनाएं चलाई। लड़कियों को भी मौका मिला तो परिणाम लाकर दिखा भी दिया। उन्होंने कहा कि हम सबको अपने मौलिक कर्तव्यों को जानना चाहिए और उसका निर्वहन करना चाहिए।