
हरिवंश नारायण सिंह
बलिया. विपक्ष की एकजुटता को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पूरी लामबंदी के बावजूद एनडीए के प्रत्याशी और जदयू नेता हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव जीत गए। उनके मुकाबले विपक्ष के उम्मीदवार बीके हरिप्रसाद को महज 105 वोट मिले जबकि हरिवंश नरायण सिंह को 125 वोट। दो सदस्य वोटिंग में मौजूद नहीं थे। हरिवंश नारायण सिंह ने अपना कैरियर पत्रकारिता से शुरू किया था। उनका पत्रकारिता से लेकर राजनीति का सफर दिलचस्प रहा। इस बीच वह कई जाने माने समाचार पत्रों के सम्पादक रहे और पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर के अतिरिक्त सूचना सलाहकार भी रहे।
एक नजर में हरिवंश नारायण सिंह का सफर
- बलिया के सिताबदियारा गांव में 30 जून 1956 को हुआ था हरिवंश नारायण सिंह का जन्म।
- उनकी पढ़ाई गांव के नजदीक काशी राय स्थित स्कूल से शुरू हुई।
- जय प्रकाश नगर स्थित जेपी इंटर कॉलेज सेवाश्रम से 1971 में हाई स्कूल किया और इंटर मीडिएट की पढ़ाई के लिये बनारस आ गए। यूपी इंटर कॉलेज से इंटर मीडिएट पास किया।
- वह जय प्रकाश नारायण से प्रभावित थे, इसी वजह से उन्होंने पत्रकारिता की ओर रुख किया और बीएचयू से स्नातक के बाद पत्रकारिता में डिप्लोमा किया।
- 1977-78 में पढ़ाई के दौरान ही टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रूप मुंबई में उनका चयन हो गया।
- वह 1981 तक टाइम्स समूह की वीकली मैग्जीन 'धर्मयुग' में उपसंपादक रहे।
- 1981 से लेकर 1984 तक उन्होंने पटना और हैदराबाद में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की।
- पत्रकारिता के पेशे में काम करने के बाद बैंक की नौकरी में उनका मन नहीं लगा।
- वह वापस पत्रकारिता में आ गए और आनंद बाजार समूह की 'रविवार' साप्ताहिक पत्रका में असिस्टेंट एडिटर रहे।
- पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर ने उन्हें अपना अतिरिक्त सूचना सलाहकार बनाया।
- 2014 में उन्हें बिहार से राज्यसभा के लिये चुना गया, जो अप्रैल 2020 मेूं पूरा होगा।
- वर्तमान में एनडीए की ओर से उन्हें राज्यसभा के उपसभापति चुने जा चुके हैं।
Published on:
09 Aug 2018 12:52 pm
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