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नवरात्र में यहां लगता है भूतों का मेला, आत्माएं करती हैं इलाज

बलिया के मनियर में ब्रम्हआत्माओं का है यह अनोखा मंदिर, जहां मां की भरती है सूनी गोद

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navaka bramha

नवका ब्रम्ह

बलिया. इंसान का भौतिक विज्ञान जहां जाकर चुप हो जाता है वहीं से रूहानी दुनिया शुरू हो जाती। चिकित्सा विज्ञानं आज काफी आगे निकाल गया है उसके बाजूद अपने दुखों से छुटकारा पाने के लिए लोग अदृश्य शक्तियों की शरण में जाते हैं।


उ.प्र. के बलिया जिले के मनियर कस्बे में हर वर्ष नवरात्र में नवका ब्रम्ह स्थान पर भूतों का इलाज किया जाता है। जहां हर साल लाखों लोग लगभग देश के सभी जिलों से अपने कष्टों और मनोकामनाओं को लेकर आते हैं। यह सच्चाई भी है कि प्रति वर्ष यहां आने वाले हजारों लोग बड़े-बड़े अस्पतालों के डॉक्टरों से इलाज कराकर हार-मान चुके थे पर यहां से इलाज करा भले-चंगे होकर ख़ुशी से की जिन्दगी जी रहे हैं।

ऐसे भागते हैं भूत

ऐसी हजारों महिलाएं यहां मिली जिन्होंने बताया कि मुझे संतान ब्रम्हबाबा की कृपा से हुई है। वहीं इस स्थान पर एक दूसरा पक्ष जिसे मानवीय पहलू से अच्छा नहीं कहा जा सकता है। यहां पर ढेर सारे ओझा-गुनिया भी अपने मरीजों को लेकर आते हैं और भूत-प्रेत उतारने के नाम पर महिलाओं,युवतियों और वृद्वों तक को पानी में डुबा-डुबाकर पीटना, बाल पकड़कर नोचना और कई तरह से प्रताडि़त करते हैं।

इस स्थान की सबसे बड़ी बात यह भी है कि यहां सीधे रोगी व श्रद्धालू तो आते ही हैं। वहां ओझा-सोखा, गुनि या, तान्त्रिक-मान्त्रिक भी अपने उन प्रेत- पिचाशों को लेकर यहां आते हैं जिनपर ओझा-सोखा काबू नहीं पाते हैं। ये लोग अपने साथ लाए बदमाश प्रेत शैतानों को आत्माओं के दरबार में लाकर बेडिय़ां डलवाकर और मार-पीटकर भगाते हैं।


300 साल पहले कैद हुई थी 2 मासूमों की आत्मा

इस स्थान की कहानी भी रोचक है। वास्तव में जो इलाज करती हैं वे आत्माएं उन 2 गरीब अनाथ बच्चों की हैं जिन्हें आज से 300 साल पहले एक तान्त्रिक महिला ने मारकर उनकी आत्माओं को कैदकर लिया था। लेकिन नियति का चक्र देखिए इन अनाथ बेसहारा बच्चों कि आत्माएं इतने वषों के बाद भी माओं की खाली गोद भरती रही हैं और लोगों की बीमारियां दूर कर रही हैं। यह ब्रम्ह आत्माओं का अनोखा मन्दिर है।

ब्रह्म आत्माओं के अनोखे मन्दिर में इलाज के लिए आने वाले कई लोग इलाज के बाद हंसी खुशी लौटते हैं। मान्यता है कि इस स्थान पर दो गरीब अनाथ बच्चों की आत्माएं हैं, जिन्हें आज से 300 साल तांत्रिक महिला ने मारकर अपने वश में कर लिया था। यही आत्माएं अब लोगों का कल्याण कर रही हैं।