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Pravasi Bhartiya Divas: बलिया के मूल निवासी हैं मॉरीशस के पीएम प्रविंद जगन्नाथ, 1873 में पूर्वजों को मजदूर बनाकर ले गये थे अंग्रेज

प्रविन्द जगन्नाथ के पूर्वज 1873 में जहाज से गन्ना बोने के लिए मॉरिशस गए थे, उसके बाद वह वहीं के हो गए ।

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Mauritius PM Pravind Jugnauth

मॉरीशस के पीएम प्रविंद जगन्नाथ

बलिया. भारत आज 16वां प्रवासी दिवस मना रहा है । प्रवासियों से नाता जोड़ने के लिये 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी शुरूआत की थी । महात्‍मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से स्‍वदेश वापस लौटे थे और उन्हें सबसे बड़ा प्रवासी माना जाता है, इसी वजह से भारत में नौ जनवरी को प्रवासी दिवस मनाया जाता है । प्रवासी दिवस मनाने का मकसद अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, भावना की अभिव्यक्ति, देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराने के साथ- साथ विश्व के सभी देशों में अप्रवासी भारतीयों का नेटवर्क बनाना भी है । प्रविंद जगन्नाथ भारत के सबसे सफल प्रवासियों में से एक है, अभी हाल में ही दूसरी बार मॉरीशस के पीएम चुने गये हैं ।

बलिया के मूल निवासी हैं प्रविंद जगन्नाथ
मॉरीशस के पीएम प्रविंद जगन्नाथ यूपी के बलिया के मूल निवासी हैं । बलिया के रसड़ा थाना क्षेत्र में अठिलपुरा गांव में उनके पूर्वज रहते थे। प्रविंद जगन्नाथ के दादा विदेशी यादव और उनके भाई झुलई यादव को अंग्रेज 1873 में गिरमिटिया मजदूर के रूप में ले गए थे । प्रविन्द जगन्नाथ के पूर्वज 1873 में जहाज से गन्ना बोने के लिए मॉरिशस गए थे, उसके बाद वह वहीं के हो गए ।

दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं प्रविंद जगन्नाथ
58 साल के प्रविंद जगन्नाथ नवंबर 2019 में दूसरी बार मॉरीशस के प्रधानमंत्री बने। मिलिटेंट सोशलिस्ट मूवमेंट के नेता प्रविंद जगन्नाथ 2000 से 2003 तक कृषि मंत्री, 2003 से 2005 तक उप प्रधान मंत्री और वित्त मंत्री भी रह चुके हैं । प्रविंद ने अपने पिता के पद छोड़ने के बाद 2017 में प्रधानमंत्री का पद संभाला था। प्रविंद के पिता अनिरुद्ध जगन्नाथ मॉरिशस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों पदों पर रह चुके हैं ।

जनवरी 2019 में आठ दिन के दौरे पर आये थे भारत
प्रविंद जगन्नाथ जनवरी 2019 में आठ दिवसीय दौरे पर भारत आए थे। वह वाराणसी में आयोजित 15वां प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भी थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने वाराणसी के मंदिरों का दर्शन और प्रयागराज में कुंभ में डुबकी भी लगाई थी । इस दौरान उनका अपने पैतृक गांव रसड़ा थाना क्षेत्र के अठिलपुरा जाने का प्रोग्राम था, मगर वह वहां नहीं जा सके । उन्होंने मुंबई में गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लिया था ।