
बलिया की तस्वीर
बलिया: शिक्षण कार्य की बजाय कक्षा कक्ष के बाहर बैठकर मोबाइल चलाना सहायक अध्यापक रामजी चौबे को मंहगा पड़ गया है। डीएम के निर्देश पर बीएसए मनीष कुमार सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। निलम्बन अवधि में रामजी चौबे प्राथमिक विद्यालय कपूरी नं.-1 से सम्बद्ध रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा क्षेत्र हनुमानगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर में मंगलवार को औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने विद्यालय में कदम रखते ही सहायक अध्यापक रामजी चौबे को कक्षा कक्ष के बाहर मोबाइल चलाते पकड़ लिया था। डीएम ने उनकी जमकर क्लास भी लगा दी थी। डीएम ने निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक की मिली घोर लापरवाही व कर्तव्य के प्रति उदासीनता पर बीएसए ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है।
शिक्षण कार्य में रूचि नहीं लेना पड़ा महंगा
बीएसए ने कहा है कि स्पष्ट है कि सहायक अध्यापक द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, शिथिलता एवं उदासीनता बरती जा रही है। शिक्षण कार्य में रूचि नहीं लिया जा रहा है, जो सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के संगत नियमों के सर्वथा विपरीत है।
वहीं प्रकरण की जांच के लिए खण्ड शिक्षा अधिकारी मुरलीछपरा को नामित करते हुए बीएसए ने 15 दिवस के अन्दर आख्या तलब किया है। निलम्बन अवधि में श्रीमती रीलम सिंह को जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। की धनराशि पर महंगाई भत्ता, यदि ऐसे अवकाश वेतन पर देय है भी अनुमन्य होगा। किन्तु ऐसे कर्मचारी को जीवन निर्वाह के साथ कोई मंहगाई भत्ता देय नहीं होगा।
Published on:
08 Dec 2023 10:08 pm
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