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पत्नी ने ही दे दी भाजपा नेता की हत्या की सुपारी, हत्या के लिये निकल चुके थे किलर, ऐसे बची जान

बलिया के रहने वाले हैं भाजपा नेता ठकुर अनूप सिंह, जिनकी हत्या की दी गई थी सुपारी 2016 के विधान परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बनाया था एमएलसी प्रत्याशी वर्तमान में किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय मंत्री हैं

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thakur anup singh

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

बलिया. यूपी के बलिया में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक भाजपा नेता की पत्नी ने ही अपने पति की हत्या की सुपारी दे दी। लखनऊ में एक प्राइवेट स्कूल के सामने उनकी हत्या करने की तैयारी भी थी। हत्या की पूरी योजना बन गई थी और हत्यारे भ निकल चुके थे, लेकिन उसके पहले ही मामला खुल गया। यह संयोग ही रहा कि भाजपा नेता की जान बच गई और सुपारी किलर पुलिस के हत्थे चढ़ गए। बाल-बाल बचे बलिया के सुखापुरा निवासी ठाकुर अनूप सिंह किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय मंत्री हैं और वह 2016 में भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी प्रत्याशी रह चुके हैं।

ठाकुर अनूप सिंह का अपनी पत्नी सुल्तानपुर निवासी विभा सिंह से कुछ पारिवारिक विवाद है। इसको लेकर बलिया के फेमिली कोर्ट में मामला भी चल रहा है। इन्हीं सबको लेकर उनकी पत्नी ने अनूप की हत्या करने का प्लान बनाया और इसके लिये कांट्रैक्ट किलर हायर कर उन्हें पति के नाम की सुपारी दे दी। पर पत्नी का प्लान लीक हो गया और सुपारी लेने के बाद उसी में से एक बदमाश ने अनूप से सम्पर्क कर पूरे मामले की जानकारी दे दी।

अनूप को जब अपनी हत्या की साजिश का पता चला तो उन्होंने तुरंत ही इससे पुलिस को अवगत कराया और पत्नी की सुपारी लेने वालों से बातचीत का मिला ऑडियो भी पुलिस को दे दिया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मंगलवार को असेगा पेट्रोल पंप के पास से सहतवार के वार्ड नंबर 4 निवासी छोटे सिंह 'सतीश सिंह’ और मनियर थानान्तर्गत मुड़ियारी निवासी अख्तर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।


लखनऊ में होने वाली थी हत्या

भाजपा नेता ठाकुर अनूप सिंह की पत्नी ने उनकी हत्या की सुपारी देकर पूरा प्लान बना लिया था। सुपारी किलर्स को पेशगी भी दे दी गई थी और बाकी रकम काम होने के बाद दी जानी थी। अनूप को लखनऊ में एक प्राइवेट स्कूल के सामने मारना तय किया था। अनूप का काम तमाम करने के लिये जाल बिछा दिया गया था। पर इसकी भनक अनूप को लगी तो उन्होंने अपना प्लान बदल दिया और अपनी जगह पर पैसा देकर किसी दूसरे आदमी को भेज दिया, जिससे साजिश नाकाम हो गई।