balod patrika news जिला मुख्यालय में मंगलवार से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी। पहले से ही जिला अस्पताल के लगभग 109 संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मंगलवार से जिले के लगभग 400 स्वास्थ्य कर्मचारी छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ रायपुर के प्रांतीय आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
बालोद. जिला मुख्यालय में मंगलवार से स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा जाएंगी। पहले से ही जिला अस्पताल के लगभग 109 संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मंगलवार से जिले के लगभग 400 स्वास्थ्य कर्मचारी छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ रायपुर के प्रांतीय आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि चिकित्सक अस्पताल में रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग दावा है कि स्वास्थ्य कर्मचारी व स्टाफ नर्सों की हड़ताल से होने वाली परेशानियों को कुछ हद तक कम करने नर्सिंग छात्र-छात्राओं का सहयोग लिया जाएगा।
हड़ताल से ये कार्य हो सकते हैं प्रभावित
हड़ताल के कारण सोनोग्राफी, खून जांच, एनआरसी, जच्चा बच्चा केंद्र में बच्चों का इलाज, प्रसव, एक्सरे, इसके अलावा अन्य विभागीय कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
24 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी नियमित, संविदा एवं जीवनदीप समिति में कार्यरत कर्मचारी 4 जुलाई से 24 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाएंगे। स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन आंदोलन में जाने से सभी जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में स्वास्थ्य सेवाएं ठप रहेंगी।
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नियमितीकरण और 62 वर्ष सेवा की गारंटी मिले
प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ बालोद के जिला अध्यक्ष रमेश कुमार सोनबोईर ने बताया कि नियमित कर्मचारियों की वेतन विसंगति, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, 62 वर्ष की सेवा गारंटी, डीएमएफ एवं जीवनदीप में कार्यरत कर्मचारियों को कलेक्टर दर से वेतन भुगतान करने की मांग के साथ स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों को पुलिस विभाग की तरह वर्ष में 13 माह का वेतन एवं अन्य मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के 65 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारी आंदोलन में रहेंगे। संविदा में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारी 3 जुलाई से आंदोलन का शंखनाद कर चुके हैं।
कोविड 19 में जान जोखिम में डाली
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का कहना है कि अभी हमने वैश्विक महामारी कोविड- 19 में आम लोगों को अपनी और परिवार की परवाह किए बगैर दिन-रात सेवाएं देकर राहत दिलाई। इसमें हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी स्वयं भी संक्रमित हुए और कुछ शहीद भी हुए अधिकांश कर्मचारी अपने परिवारों से दूर रहकर महामारी में विजय पाई है।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
शासन-प्रशासन ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के योगदान के लिए बड़े- बड़े वादे किए, लेकिन पूरा नहीं किया। स्वास्थ्य कर्मचारियों के अच्छे योगदान के लिए छत्तीसगढ़ शासन केंद्र से पुरस्कार और सम्मान प्राप्त कर रहा है। आज स्वीकृत पदों के आधे पद में कर्मचारी कार्यरत हैं जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों को काम का अधिक दबाव है।
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वैकल्पिक सेवाएं ली जाएंगी
जिला अस्पताल बालोद के सिविल सर्जन डॉ. आरके श्रीमाली ने बताया कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं जरूर प्रभावित होंगी। हमने स्वास्थ्य सेवाओं में मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए सीनियर नर्सिंग छात्र छात्राओं की वैकल्पिक सेवा ली जाएगी।