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छत्तीसगढ़ के इस जिले में हर महीने गुम हो रहे 30 नाबालिग बच्चे, 24 घंटे काम कर रही पुलिस की स्पेशल टीम पर यह काफी नहीं…

ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस 600 से ज्यादा परिवारों के गुम बेटे-बेटियों व अन्य लोगों को खोज कर उनके चेहरे में मुस्कान ला चुकी है पर यह काफी नहीं है।
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बालोद

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Dakshi Sahu

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Updated: 22 Jul 2021, 5:52 PM IST

छत्तीसगढ़ के इस जिले से हर महीने गुम हो रहे 30 नाबालिग बच्चे, 24 घंटे काम कर रही पुलिस की स्पेशल टीम पर यह काफी नहीं...

छत्तीसगढ़ के इस जिले से हर महीने गुम हो रहे 30 नाबालिग बच्चे, 24 घंटे काम कर रही पुलिस की स्पेशल टीम पर यह काफी नहीं...

बालोद. जिले में नाबालिग बच्चों, किशोरों के गुम होने और अपहरण की घटनाएं थम नहीं रही हैं। जिले में औसतन हर महीने 30 नाबालिग लापता हो रहे हैं। हालांकि ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस 600 से ज्यादा परिवारों के गुम बेटे-बेटियों व अन्य लोगों को खोज कर उनके चेहरे में मुस्कान ला चुकी है पर यह काफी नहीं है। पुलिस के मुताबिक 2020-21 में भी लगभग 249 से ज्यादा लोग गुम हुए थे। जिनमें बड़ी संख्या में नाबालिग शामिल थे। एक साल के अंतर्गत पुलिस ने लगभग 600 गुम इंसानों को ढूंढने में सफलता हासिल की हैं। पुलिस इसे अपनी उपलब्धि मान रही है। बचे बच्चों की तलाश जारी है।

परिजनों को बिना बताए घर से भाग गए बच्चे
बालोद जिले के विभिन्न थानों में दर्ज नाबालिगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अधिकांश मामले में बच्चे अपने परिजनों को बिना बताए पहचान वालों के साथ ही गायब होते हैं। कई गुमशुदगी के मामले की जांच के बाद सामने आया है कि नाबालिग लड़के-लड़कियां प्रेम प्रसंग के चलते घर से गायब हो जाते हैं।

कर रही पुलिस की स्पेशल टीम काम
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल में नोडल अधिकारी एएसपी हेडक्वार्टर सहित 7 अधिकारी हैं, जो कार्रवाई पर नजर रखते है। जिले में भी (स्पेशल पुलिस यूनिट) है। जिसके तहत महिला आरक्षक व उनकी टीम बच्चे के अपराध से जुडऩे की आशंका को देखते हुए काउंसलिंग करती है। भिक्षावृत्ति करने वालों बच्चों से पूछताछ करते हैं। ऐसे बच्चों की जानकारी निकाली जाती है जिन्हें कहीं से चोरी कर तो नहीं लाया गया। सेल हमेशा चाइल्ड लाइन के संपर्क में रहती है।

राजस्थान के झालावाड़ से गुम इंसान को खोजा
साल 2019 -20 को गुंडरदेही निवासी प्रार्थी ने बच्ची के कहीं चले जाने के संदर्भ गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साइबर सेल की मदद से गुमशुदा के मोबाइल लोकेशन पता करने पर लोकेशन झालावाड़ कोटा राजस्थान से बरामद कर परिजन को सौंपा गया।

बच्चों को सकुशल ढूंढा,परिजनों को सौंपा
एएसपी बालोद डीआर पोर्ते ने बताया कि सालभर में गुमशुदगी के जितने भी मामले दर्ज हुए हैं, उस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। यही वजह है टीम वर्क से अब तक 600 से ज्यादा गुम नाबालिग लड़के-लड़कियों व अन्य लोगों को सकुशल ढूंढ कर परिजनों को सौंप दिया गया है।

माता-पिता करें बच्चों से संवाद
माता-पिता हमेशा बच्चों से संवाद करें। उन्हें बात-बात पर डांटे नहीं, विश्वास में लें, ताकि दिल की बात साझा कर सके। छोटे बच्चों को अकेले सामान लाने नहीं भेजें। इसका फायदा बदमाश उठा भी सकतें है। बच्चे के सामने माता-पिता अभद्र व्यवहार न करें और न ही मारपीट। इससे घबराकर बच्चे अक्सर घर छोड़कर चले जाते हैं। हमेशा बच्चों को सुरक्षा में लेकर ही सोना चाहिए। बच्चों के संपर्क में रहे अन्य बच्चे क्या कर रहे है इसकी जानकारी लें और दोस्ताना व्यव्हार भी करें। बच्चों को मोबाइल की ज्यादा लत है तो जानकारी भी लें कही बच्चे गलत उपयोग तो नहीं कर रहे।