मामले में जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष सुरेन्द्र तिवारी का कहना है, तहसील में नामातंरण, खाता विभाजन सहित अन्य कार्यों के सैकड़ों प्रकरण लंबित है, इस संबध में जनदर्शन, समस्या निवारण शिविर में शिकायत की जा चुकी है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ज्ञात हो कि तत्कालीन तहसीलदार डीआर मरकाम का 3 मार्च को स्थानांतरण के बाद क्रमश: आरपी आंचला व बीआर साहू को प्रभार दिया गया था, जिसका एक माह बाद प्रमोशन हो गया जिससे जिला मुख्यालय के तहसीलदार एआर राणा प्रभार पर हैं, लेकिन राणा का मूल कार्यालय बालोद में ही होने के कारण गुरुर तहसील का हाल बेहाल है।