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पर्यटकों को नैन सुख देने वाला ये झरना, जलाशय के लिए बन गया बड़ा खतरा

जिले के तीसरे सबसे बड़े जलाशय खरखरा की वेस्ट वियर दीवार व उसके आसपास के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिए जाने से पानी के दबाव व अन्य कारणों से कुछ सालों में वह कमजोर हो चुकी है।

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Satya Narayan Shukla

Dec 20, 2016

Balod : Even with the strength of the wall in whee

Balod : Even with the strength of the wall in wheezy Sutfol

बालोद.जिले के तीसरे सबसे बड़े जलाशय खरखरा की वेस्ट वियर दीवार व उसके आसपास के संरक्षण पर ध्यान नहीं दिए जाने से पानी के दबाव व अन्य कारणों से कुछ सालों में वह कमजोर हो चुकी है। इस कारण कुछ मीटर की दूरी तक लगातार दीवार व उसके आसपास की मिट्टी व चट्टानों में कटाव बढ़ता जा रहा है। खतरे को भांपते हुए सिंचाई विभाग ने लंबे समय बाद इस ओर ध्यान केंद्रित किया है। खरखरा जलाशय अपनी खूबसूरत वादियों व प्राकृतिक झरने के लिए प्रसिद्द है। यह
जलाशय हर साल बारिश के दिनों में ओवरफ्लो के दौरान देखने को मिलता है। इस दौरान पर्यटक पिकनिक मनाने के लिए भी भारी संख्या में आते हैं, पर अब इस
जलप्रपात से लगातार कटाव को देखते हुए इस जगह पर सिंचाई विभाग सूटफॉल
बनाएगा।

हर साल ओवरफ्लो होने से वेस्टवियर के पानी से कट रही है मिट्टी
जब ओवरफ्लो दीवार से पानी गिरता है तो पानी बहते हुए जलाशय के कुछ दुरी पर खाई में गिरता है, जो प्राकृतिक झरने के रूप में जलप्रपात की भांति आकर्षक दिखाई देता है। यह प्रपात पर्यटकों के लिए खूबसूरत व मनमोहक अपनी ओर आकर्षित करता है, पर जलाशय के लिए यह खतरा साबित हो रहा है। खरखरा जलाशय के ओवरफ्लो की दीवार से निकलने वाला पानी जो जलाशय से महज 400
मीटर की दूरी पर है जहां बारिश के दिनों में प्राकृतिक जल प्रपात बनता है।
लगभग 30 फीट ऊंचाई से गिरते पानी लोगों को आकर्षित करता है।

ओवरफ्लो से जलप्रपात की जगह अब बनाएंगे खूबसूरत सूटफॉल
यह सूटफॉल को कांक्रीट व स्टील लोहे से बनाएंगे। सिंचाई विभाग की मानें तो यह सूटफॉल ऊंचा बनाया जाएगा जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। पर्यटकों को पसंद आएगा। साथ ही इसी बहाने जलाशय की दीवार और मजबूत होगी। इस पूरे कार्य में शासन लगभग 1518.56 करोड़ रुपए खर्च करेगा। यही नहीं पर्यटकों के लिए भी बैठने व अन्य सुविधा देगा। सूटफॉल के निर्माण की स्वीकृति तो हो चुकी है, पर अभी इस निर्माण कार्य का
टेंडर का काम शासन स्तर पर चल रहा है। लगभग टेंडर का काम भी पूर्ण हो जाने
की जानकारी दी जा रही है। सिंचाई विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इसी माह तय हो जाएगा कि निर्माण कब तक शुरू होगा।
सूटफॉल के बाद नहीं होगा कटाव, दीवार भी होगी मजबूत
यह तय है कि इस माह या आने वाले माह में इसका निर्माण शुरू हो जाएगा। सूटफॉल के निर्माण के बाद जहां जलाशय की दीवार मजबूत होगी और दूसरी ओर सूटफॉल को आकर्षक रूप से तैयार करने की भी तैयारी है। जानकारी अनुसार पहली बार खरखरा जलाशय को संवारने व उसके संरक्षण के लिए इतनी बड़ी राशि का उपयोग किया जाएगा। जल संसाधन विभाग बालोद के ईई एसके जार्ज ने बताया खरखरा जलाशय के कटाव क्षेत्र में सूटफॉल का निर्माण किया जाएगा। पर अभी इस कार्य के लिए शासन स्तर पर टेंडर का काम चल रहा है। फिर आगे का काम शासन के निर्देशानुसार किया जाएगा।

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