
Balod News: बालोद जिले में पहली बार अधिकारी और कर्मचारियों का चालान यातायात पुलिस विभाग ने काटा। इसके बाद अधिकारी और शासकीय कर्मचारियों में भी पुलिस कार्रवाई का डर देखा जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि चालान सिर्फ आम लोगों का काटा जाता है, लेकिन मंगलवार को चलानी कार्रवाई के बाद शासकीय आधिकारी-कर्मचारियों ने भी यातायात नियम के तहत वाहन चालाने का संकल्प लिया है।
यातायात विभाग के मुताबिक चालानी कार्रवाई में 30 बिना हेलमेट वाले कर्मचारी थे। वहीं 9 बिना सीट बेल्ट के शासकीय वाहन से कार्यालय आने वाले अधिकारी व वाहन चालक है। साल 2014-15 में जब बालोद के एसडीएम आलोक पांडे थे, वह मोटरसाइकल से आ रहे थे। तभी गंगा मैया झलमला के पास वाहन को रोकर एसडीएम का चालान किया गया था। तत्कालीन यातायात प्रभारी एलएम सिंह की इस कार्रवाई से एसडीएम खुश हो गए थे और एसडीएम ने यातायात प्रभारी का समान किया था।
यातायात पुलिस के मुताबिक कुल 39 शासकीय कर्मचारियों व अधिकारियों का चालान काटा गया। ये शासकीय कर्मचारी व अधिकारी, शासकीय वाहन चालक बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट के वाहन चला रहे थे। इन लोगों का कुल 23 हजार रुपए का चालान काटा और कहा यातायात नियम के तहत वाहन चलाएं।
लगातार हो रहे सड़क हादसे को देखते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन के आदेशानुसार यातायात पुलिस ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सामने शासकीय कर्मचारियों व अधिकारियों का चालान काटा गया।
शासन के आदेश पर शासकीय अधिकारियों व कर्मचारियों का चलान काटा गया। लेकिन किन-किन अधिकारी का चालान काटा गया। गोपनीयता का हवाला देकर इसकी जानकारी व नाम नहीं बताया गया। इधर जानकारी मिली है कि तहसीलदार के शासकीय वाहन के चालक का चालान भी काटा गया। उसने भी सीट बेल्ट नहीं लगाया था।
किन अधिकारियों का चालान काटा गया है, इसकी जानकारी यातायात प्रभारी राकेश ठाकुर से मांगी गई तो कहा कि इसका नाम नहीं दे सकते, क्योंकि यह गोपनीयता है। उच्च अधिकारियों ने नाम देने से मना किया है।
Updated on:
15 Jan 2025 03:17 pm
Published on:
15 Jan 2025 03:17 pm
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