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दशकों बाद मोर संग चलौ रे… गीत ने भरा उत्साह

कुर्मी समाज के आयोजित कार्यक्रम के अंतिम दिन लोक गायिका ममता चंद्राकर ने अपने गीतों से लोगों को संस्कृति से सराबोर कर झूमने पर मजबूर कर दिया।

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Satya Narayan Shukla

Dec 06, 2016

Balod : Ray Peacock decades Clu ... song filled wi

Balod : Ray Peacock decades Clu ... song filled with enthusiasm

बालोद.कुर्मी समाज के आयोजित 15वां कुर्मी संझा सामाजिक आयोजन के अंतिम दिन प्रसिद्ध गायिका ममता चंद्राकर ने कर्णप्रिय छतीसगढ़ी लोक गीत गाकर व कलाकारों ने नृत्य से लोगों को छत्तीसगढ़ संस्कृति से सराबोर कर दिया। तोर मया के मारे, मैं हो गेंव दीवानी रे, कते जंगल कते झाड़ी, तोर मन कैसे लागे राजा, बिरना-बिरना व गौरा-गौरी गीत सहित और अन्य लोक गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों को खूब आनंदित किया।

तालियों से सम्मान
इस दौरान कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व संसदीय सचिव विजय बघेल ने भी कर्णप्रिय गीत की प्रस्तुति मोर संग चलव रे व सुख के सब साथी जैसे गीत को जब छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायिका पद्मश्री ममता चन्द्राकर, प्रेम चद्राकर व दुश्यन्त हरमुख के साथ प्रस्तुत किया गया तो कार्यक्रम में उपस्थित हजारों की संख्या में दर्शकों ने तालियों से सम्मान किया।

पूर्व संसदीय सचिव ने गाया गाना, केंद्रीय सहकारी बैंक अध्यक्ष लगे नाचने
इससे पहले पूर्व संसदीय सचिव ने गया गाना तो जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष नाचने लगे। इस आयोजन में सबसे आकर्षण का केंद्र रहा जहां प्रदेश के पूर्व संसदीय सचिव विजय बघेल ने मोर संग चलव गीत गया, वहीं मंच पर बैठे जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष प्रितपाल बेलचंदन अपनी कुर्सी से उठकर नाचने लगे जिसे देखकर लोग भी थिरकने लगे। जब ममता चन्द्राकर ने पुराने छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति दी तो लोग अपनी कुर्सी छोडऩे पर मजबूर हो गए।

गौरा-गौरी गीत में आधा दर्जन लोगों को आई देवी
कार्यक्रम के दौरान जब गायिका ममता चन्द्राकार ने अपने मधुर कंठ से प्रसिद्ध धार्मिक गीत गौरा-गौरी गीत गुंजे और झांकी की प्रस्तुति दी तो मंच पर बैठे हजारों लोगों में आधा दर्जन लोगों को माता आ गया और फिर गीत के साथ वो भी मंच पर झूमने लगे। इस दौरान मंच पर अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस व समाज के लोगों ने इस अव्यवस्था को सुधारने में लगे रहे। लगभग आधे घण्टे बाद ही भारी मसक्कत के बाद इन्हें हूम-धूप दिलाकर शांत कराया गया।

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