26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CG News: इस साल 65 हजार मीट्रिक टन गन्ना पेराई का लक्ष्य, इधर कर्मचारी हड़ताल पर बैठे

CG News: प्रबंधन के मुताबिक बीते साल जिले में कुल 770 हेक्टेयर में ही लगभग 650 किसानों ने गन्ने की फसल ली थी। इस साल लगभग 1148 किसानों ने 1170 हेक्टेयर में गन्ना की फसल ली है। प्रबंधन ने दावा किया कि इस बार कारखाना में गन्ने की कमी नहीं होगी।

2 min read
Google source verification
.

.

CG News: दंतेश्वरी मैय्या सहकारी शक्कर कारखाना में कारखाना व बायलर पूजा के साथ ही गन्ना पेराई शुरू हो गई। सोमवार को शक्कर कारखाना के अध्यक्ष बलदू राम साहू, गन्ना किसान उत्पादक संघ के संरक्षक छगन देशमुख, शक्कर कारखाना प्रबंधक राजेंद्र कुमार राठिया की उपस्थिति में पेराई शुरू की गई। कारखाना प्रबंधन ने कुल 65 हजार मीट्रिक टन गन्ना पेराई करने का लक्ष्य रखा है।

किसानों ने अपना गन्ना बेचा
दूसरी ओर शक्कर कारखाना कर्मचारी यूनियन भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल में बैठ गया है। ऐसे में हड़ताल का असर भी देखने को मिल सकता हैं। सोमवार को कारखाना के बायलर संचालन विभाग की टीम ने बायलर में आग जलाई, वहीं टारबाइन भी घूमना शुरू हो गया। अब मंगलवार से पेराई भी शुरू हो जाएगी।

इस बार 1700 हेक्टेयर में उत्पादन
प्रबंधन के मुताबिक बीते साल जिले में कुल 770 हेक्टेयर में ही लगभग 650 किसानों ने गन्ने की फसल ली थी। इस साल लगभग 1148 किसानों ने 1170 हेक्टेयर में गन्ना की फसल ली है। प्रबंधन ने दावा किया कि इस बार कारखाना में गन्ने की कमी नहीं होगी। जिले में 95 फीसदी गन्ना जिला से ही आएगा। वहीं पांच फीसदी गन्ना बेरला से आएगा। जिले के किसानों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी।

तीन दिन तक गन्ना नहीं लाने पर टोकन होगा निरस्त
कारखाना प्रबंधक राजेंद्र कुमार राठिया ने बताया कि गन्ना लाने किसानों को टोकन दिया जा रहा है। बीते साल कई ऐसे किसान थे, जो टोकन लेने के तीन दिन बाद भी गन्ना नहीं लाए थे। इससे अन्य किसानों को परेशानी हो रही थी। अब नियम में बदलाव किया गया। जिन किसानों को टोकन मिला है, उन्हें तीन दिन के भीतर गन्ना कारखाना लाना पड़ेगा। नहीं लाए तो टोकन निरस्त किया जाएगा।

दावा: आंदोलन से नहीं होगा कार्य प्रभावित
कारखाना के प्रबंधक राजेंद्र कुमार राठिया ने बताया कि कारखाना कर्मचारी यूनियन के आधे कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उनकी मांग जायज नहीं हैं। जो जायज मांग थी, उस पर सहमति बन गई है। हमारी कोशिश है कि बात करने की है, लेकिन कर्मचारी बात करने नहीं आए। इस आंदोलन का असर नहीं पड़ेगा। न ही किसानों को परेशानी होगी।