18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तालाबंदी की चेतावनी : स्कूल भवन जर्जर, टीन शेड या बरगद के पेड़ के नीचे पढ़ाई करते हैं बच्चे

डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम बगईकोना में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल भवन जर्जर हो चुका है। इसलिए यहां के बच्चे टीन शेड युक्त भवन में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कभी कभी तो बरगद पेड़ के नीचे बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
बगईकोना प्राथमिक शाला: ग्रामीणों ने जल्द पहल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

टीन शेड के नीचे पढ़ाई करते बच्चे

बालोद. डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम बगईकोना में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल भवन जर्जर हो चुका है। इसलिए यहां के बच्चे टीन शेड युक्त भवन में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। कभी कभी तो बरगद पेड़ के नीचे बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं। 40 साल पुराने इस स्कूल भवन की स्थिति दयनीय है। जगह- जगह प्लास्टर उखड़ रहा है। स्कूल भवन की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर ने त्वरित कार्यवाही कराने की बात कही है।

15 दिन बाद ग्रामीण करेंगे तालाबंदी
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर स्कूल भवन निर्माण की कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीण स्कूल में तालाबंदी व उग्र आंदोलन करेंगे। जिसकी जवाबदारी शासन-प्रशासन की रहेगी।

स्कूल में 45 बच्चे हैं अध्ययनरता
ग्रामीण भारतलाल नेताम, मन्नूलाल ने बताया कि स्कूल में कुल 45 बच्चे अध्ययनरत हैं। बच्चों को जर्जर स्कूल में बैठने परेशानी होती है, इसलिए शाला प्रबंधन समिति समीप ही टीन शेड छपरीनुमा जगह में बच्चों को बैठाकर पढ़ाई करा रही है। लेकिन तेज आंधी व बारिश के दिनों में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने कहा- मांग करते-करते थक गए
स्कूली बच्चों के पालक सरथ राम, निर्मला, रामकली, शकुन, पार्वती ने बताया कि स्कूल के नए सिरे से निर्माण व पुराने भवन को तोडऩे की मांग कुछ वर्षों से कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की पहल आज तक नहीं हुई है। ग्रामीणों ने कहा कि हम लोग मांग करते-करते थक चुके हैं।

मांग पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन
ग्रामीण सुलोचना, सुखिया ने बताया कि हमारी मांग जायज है। हम बच्चों के लिए मांग कर रहे हैं। हमारी मांगों पर 15 दिन के भीतर कोई पहल नहीं हुई तो स्कूल में तालाबंदी करेंगे। उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।