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संजारी बालोद से संगीता व गुंडरदेही से कुंवर सिंह पर फिर खेला दांव

CG Election 2023: काफी मंथन के बाद आखिरकार कांग्रेस ने जिले के संजारी बालोद व गुंडरदेही विधानसभा के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है।

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Congress played bet on Kunwar Singh from Sangeeta and Gunderdehi

संजारी बालोद से संगीता व गुंडरदेही से कुंवर सिंह पर फिर खेला दांव

बालोद। CG Election 2023: काफी मंथन के बाद आखिरकार कांग्रेस ने जिले के संजारी बालोद व गुंडरदेही विधानसभा के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। संजारी बालोद से वर्तमान विधायक संगीता संगीता सिन्हा और गुंडरदेही के वर्तमान विधायक कुंवर सिंह निषाद पर दूसरी बार भरोसा जताया है। सूची जारी होने के बाद संजारी बालोद व गुंडरदेही में समर्थकों ने जमकर खुशियां मनाई। प्रत्याशी का मुंह मीठा कराया। कांग्रेस ने जिले की तीनों विधानसभा में अपने तीनों विधायकों पर पुन: भरोसा जताया है। अब कांग्रेस चुनाव की तैयारी में जुट गई है।

नहीं कटी एक भी विधायक की टिकट

सूची जारी होने से पहले तरह-तरह की चर्चा हो रही थी। कांग्रेस के संजारी बालोद व गुंडरदेही विधानसभा के विधायक डेंजर जोन में है। किसी का भी टिकट कट सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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नाराज कार्यकर्ताओं व नेताओं को मनाने का चलेगा दौर

दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतार दिए हैं। जिन्होंने टिकिट मिलने की आस लगाई थी, उन्हें टिकट नहीं मिली तो मायूस हो गए हैं। ऐसे नेताओं को मनाया जाएगा। अब चुनाव में ज्यादा दिन का समय नहीं बचा है।

किस सीट में किसके बीच मुकाबला

संजारी बालोद विधानसभा

कांग्रेस की संगीता सिन्हा व भाजपा के राकेश यादव के बीच मुकाबला होगा। संगीता सिन्हा 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पवन साहू को 27428 मतों से हराया था। वे दूसरी बार चुनाव लड़ेंगी। 2018 में उन्हें 90438 वोट मिले थे। 2013 के चुनाव में संगीता सिन्हा के पति भैयाराम सिन्हा ने भाजपा प्रत्याशी प्रीतम साहू को रिकॉर्ड 30 हजार से अधिक मतों से हराया था।

भाजपा ने प्रत्याशी राकेश यादव को पहली बार विधानसभा का टिकट दिया है। इससे पहले 2004 में बालोद नगर पालिका के प्रत्याशी बनाए गए थे। तब उन्होंने जीत हासिल की थी।

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डौंडीलोहारा विधानसभा

जिला पंचायत के प्रथम अध्यक्ष रह चुके हैं देवलाल ठाकुर

देवलाल ठाकुर बालोद जिला गठन के बाद जिला पंचायत चुनाव जीतकर 2013 में जिला पंचायत अध्यक्ष बने। वे कांग्रेस समर्थित थे। 2018 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा। 21,368 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया था। इसके बाद 22 जनवरी 2021 में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के उपस्थिति में रायपुर भाजपा का दामन थामा। भाजपा ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता और अब विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया है।

कांग्रेस की मंत्री अनिला भेंडिया व भाजपा के देवलाल ठाकुर के बीच मुकाबला होगा। डौंडलोहारा सीट राजनीति दृष्टि से अहम है। यहां वर्षों से भेंडिया परिवार का दबदबा रहा है। अनिला भेंडिया लगातार तीसरी बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगी। पहली बार 2013 में कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताते हुए चुनावी मैदान में उतारा था। उन्होंने भाजपा के होरीलाल रावटे को 19735 मतों से हराया था। अनिला भेंडिया को 66,026 वोट मिले थे। होरी लाल रावटे को 46,291 वोट मिले थे। 2018 में भी उन्हें कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया। उन्होंने भाजपा के लाल महेंद्र सिंह टेकाम को 33103 वोट से हराया था। अनिला भेंडिया को 67,448 वोट एवं लाल महेंद्र टेकाम को 34,345 वोट मिले थे।

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वर्तमान कांग्रेस.....

वर्तमान कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद औ भाजपा के वीरेंद्र साहू के बीच मुकाबला होगा। कांग्रेस ने विधायक कुंवर सिंह निषाद को दूसरी बार प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने 2018 में गुंडरदेही विधानसभा में भाजपा के प्रत्याशी दीपक तराचंद साहू को रिकॉर्ड 55 354 मतों से हराया था। उन्हें एक लाख 10 हजार 339 वोट मिले।

भाजपा ने वीरेंद्र साहू को पहली बार 2008 में प्रत्याशी बनाया था। कांग्रेस के पूर्व विधायक घनाराम साहू से सीधी टक्कर थी। वीरेंद्र साहू को 64,010 वोट मिले व घनाराम साहू को 61,425 वोट थे। वीरेंद्र साहू ने महज 2, 585 वोट से जीते थे। 2013 में उन्हें पुन: टिकट दी गई। इस बार उनका सामना कांग्रेस में रहे राजेंद्र राय से हुआ। वीरेंद्र साहू को 21280 वोट से हार मिली थी।

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