
फसल हो गई थी बर्बाद, कर्ज में डूबे किसान ने मायूस होकर उठा लिया ऐसा खौफनाक कदम
बालोद. फसल की बर्बादी और कर्ज से परेशान एक किसान ने कीटनाशक सेवन कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। समय पर उपचार मिलने के कारण उसकी जान बच गई। फिलहाल उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उसकी स्थिति सामान्य है, पुलिस ने भी किसान का बयान लिया है।
बताया जाता है कि किसान को फसल बीमा की राशि भी नहीं मिल पाई है। मामला शनिवार को जिला मुख्यालय से महज 16 किमी दूर ग्राम बिरेतरा का है, जहां के किसान ओम प्रकाश पिता हीरू राम साहू (52) ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
एक साल से परेशान था किसान
किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने कुल 6 एकड़ पर धान की फसल पिछली बारिश में ली थी। 6 एकड़ में 2 एकड़ खुद की है और 4 एकड़ कट्टू (रेगहा) पर लिया था। 6 एकड़ में मात्र एक गाड़ा ही धान हुआ। जितना कर्ज लिया था, उसे भी चुकाने तक की फसल नहीं हुई। फसल बारिश और माहो के कारण बर्बाद हो गई।
खेती कार्य के लिए लिए कर्ज चुका नहीं पाने और कर्ज ज्यादा होने के कारण चिंतित रहता था। उन्होंने बताया की सिर्फ कर्ज के कारण ही आत्महत्या करना चाहा।जानकारी के मुताबिक किसान का सेवा सहकारी समिति पोंड़ी में भी एक लाख करीब कर्ज है तो साहूकार और कृषि केन्द्रों को मिलाकर कुल 3 लाख रुपए का कर्ज है। इसलिए आत्महत्या करने की कोशिश की। घर वालों की सतर्कता से जान बच गई।
किसान ओम प्रकाश से जब पत्रिका ने फसल के बारे में पूछा तो बताया कि उनकी फसल पूरी तरह कम बारिश और माहो से बर्बाद हो गई। उन्होंने यह भी बताया की कृषि विभाग की टीम, ग्राम सेवक, पटवारी फसल की स्थिति को देखकर भी गए और यह आश्वासन भी दिया था कि जल्द लाभ मिलेगा पर आज तक फसल की क्षति पूर्ति नहीं मिली और न ही फसल बीमा।
कर्ज चुकाने की चिंता लगातार बढ़ रही थी जिससे परेशान होकर अपने घर पर ही कीटनाशक सेवन कर आत्महत्या करना चाहा पर घर वालो की सतर्कता और समय पर इलाज से उनकी जान बच गई। किसान ने दोपहर 12 बजे अपने घर पर कीटनाशक का सेवन किया घटना के समय घर पर कोई नहीं था।
Published on:
10 Jun 2018 01:32 pm
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