
बालोद-राजनांदगांव मार्ग की उखड़ रही गिट्टी
बालोद. जिला मुख्यालय में प्रवेश पर खराब व अधूरी सड़क राहगीरों का स्वागत कर रही है। इसकी मरम्मत करने पीडब्ल्यूडी के पास समय तक नहीं है। जिला मुख्यालय में रोजाना हजारों लोगों का आना जाना लगा रहता है, सभी सड़क से परेशान हैं। पहले जिला मुख्यालय के बायपास मार्ग ने घटिया निर्माण के कारण दम तोड़ दिया। अब मधु चौक से पाररास रेलवे फाटक तक सड़क पूरी तरह से उखड़ गई है। सड़क निर्माण में लाखों खर्च करने के बाद अब विभाग ने टूटी और उखड़ी सड़कों की मरम्मत से मुंह फेर लिया है। शासन-प्रशासन व विभाग को सिर्फ राशि खर्च करने से मतलब है। सड़क चाहे खराब हो या कोई गिरकर घायल हो।
मरम्मत की योजना बनी सिर्फ कागजों में
लोक निर्माण विभाग ने इन सड़कों की मरम्मत की योजना जरूर बनाई है। यह योजना सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह गई है। बघमरा से पाररास मार्ग तक नवीनीकरण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। अभी इसकी मरम्मत शुरू नहीं हुई है।
खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी
लोक निर्माण विभाग के ईई एम प्रसाद ने कहा कि खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी। मरम्मत योग्य सड़कों की जानकारी ली जा रही है। जिन सड़कों के लिए राशि पास हो गई है, उनकी मरम्मत की जाएगी।
शहर की ये 4 तस्वीर बता रही सड़क की दशा
बालोद-राजनांदगांव मार्ग की उखड़ रही गिट्टी
बालोद-राजनंदगांव मार्ग यानी मधु चौक से पाररास रेलवे फाटक तक लगभग एक किमी की सड़क बारिश के बाद जवाब दे रही है। इस सड़क से डामर व गिट्टी उखड़ चुकी है। कई जगह सड़क ही धंस गई है। जल्द मरम्मत नहीं हुई तो सड़क की दुर्दशा हो जाएगी।
बालोद- दल्ली मार्ग अधूरा
बालोद-दल्ली मार्ग सबसे व्यस्त मार्ग है। जिला मुख्यालय से होते हुए नेशनल हाइवे विभाग निर्माण कर रहा है। अधूरे सड़क से राहगीर परेशान हैं। अभी से जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। राहगीरों को राहत देने नेशनल हाइवे विभाग ने काम भी तेजी से नहीं कर रहा है।
कलेक्ट्रेट-तांदुला पहुच मार्ग से कोई मतलब नहीं
कलेक्ट्रेट व तांदुला जलाशय मार्ग तीन साल से उखड़ गया है। सड़क निर्माण के लिए राशि सिंचाई विभाग को मिल गई, लेकिन मरम्मत की बारी आई तो जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग ने मुंह फेर दिया। सड़क से लोगों वाहन पंक्चर हो रहे हैं।
बायपास सड़क की हर साल हो रही मरम्मत
जिला मुख्यालय में यातायात दबाव कम करने बायपास का निर्माण कराया गया। कुछ साल में ही उखड़ गई। लागत से ज्यादा मरम्मत में खर्च कर दिए गए। साल में दो-तीन बार मरम्मत होती है। बघमरा से पाररास तक मार्ग पूरी तरह से खराब हो चुका है।
Published on:
24 Sept 2023 11:59 pm
बड़ी खबरें
View Allबालोद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
