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3 करोड़ 35 लाख मंत्र शिव को अर्पित कर भक्तों ने की खुशहाली की प्रार्थना, दशौंदी तालाब में चल रहा जलेश्वर महादेव उत्सव

जिला मुख्यालय के हृदय स्थल दशौंदी तालाब स्थित जलेश्वर महादेव श्रीपूर्णवर्धन उत्सव के तीसरे दिन भी मंत्र पुस्तिका की पूजा-अर्चना के साथ शिव की जलधरी में अर्पण किया गया। तीन दिनों तक मंत्र लेखन पुस्तिका की पूजा अर्चना रविवार को दोपहर तक पूरी हुई।

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3 करोड़ 35 लाख मंत्र शिव को अर्पित कर भक्तों ने की खुशहाली की प्रार्थना, दशौंदी तालाब में चल रहा जलेश्वर महादेव उत्सव

3 करोड़ 35 लाख मंत्र शिव को अर्पित कर भक्तों ने की खुशहाली की प्रार्थना, दशौंदी तालाब में चल रहा जलेश्वर महादेव उत्सव

बालोद @ patrika. जिला मुख्यालय के हृदय स्थल दशौंदी तालाब स्थित जलेश्वर महादेव श्रीपूर्णवर्धन उत्सव के तीसरे दिन भी मंत्र पुस्तिका की पूजा-अर्चना के साथ शिव की जलधरी में अर्पण किया गया। तीन दिनों तक मंत्र लेखन पुस्तिका की पूजा अर्चना रविवार को दोपहर तक पूरी हुई। सुबह से दोपहर तक मंत्र लेखन करने वाले परिवार के परिजनों को जलाभिषेक करने का मौका दिया गया। वहीं पूरे श्रद्घा उमंग के साथ भक्त भी अपने परिवार सहित पूजा में शामिल हुए।

मंत्र लेखन पुस्तिका अर्पण
जलेश्वर महादेव दशौंदी तलाब समिति व मां जी फाउंडेशन की संकल्प पूर्ति में शिव भक्तों के समर्पण पूर्वक लेखन से महारूद्र अभिषेक एव महामंत्र लिखित पुस्तिका की पूजा अर्चना हो चुकी है। इस वर्ष कुल 3 करोड़ से अधिक मंत्र लिखे गए। आठ वर्षों में 30 करोड़ से अधिक मंत्रों को शिव को अर्पित किया जा चुका है। जलेश्वर महादेव में प्रभुभाव स्वरूप लिखे गए 3 करोड़ 35 लाख से अधिक मंत्र ओम नम: शिवाय का जलेश्वर महादेव की जलधरी में अर्पण कर भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए शिव से प्रार्थना की।

मनोरथ भोग का वितरण आज
फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रेरणा शर्मा ने दुग्धाभिषेक व जलाभिषेक किया। जिसके बाद मंत्र पुस्तिका में भी जल प्रभावित होना प्रारंभ हो गया। सोमवार को हवन पूजन पूर्णाहुति के बाद भक्तो द्वारा ओम नम: शिवाय के जाप के साथ बंधी हुई रस्सियों को स्पर्श कर धीरे-धीरे अर्पित किया जाएगा। शिव कुंड के जल में अर्पित किए गए मंत्र लेखन पुस्तिका को समाहित जल को जिसे अमृतस्वरूप जल व मनोरथ भोग का वितरण 2 मार्च को दोपहर एक बजे किया जाएगा।

आत्मीय सुख की अनुभूति
दशौंदी तालाब के बीचोंबीच स्थापित शिवलिंग हजारों लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केन्द्र बन गया है। दरअसल इस स्थल में एक अलग ही व्यवस्था है। यहां तालाब के चारों और कक्ष बना हुआ है। अनुभूति शब्द नहीं अनुभव की भक्तिमय उद्देश्य को लेकर इन कमरों में भक्त अपनी सुविधानुसार सालभर आकर यहां रखे पन्नों में ओम नम: शिवाय मंत्र का लेखन करते हैं। यह सिलसिला 4 जुलाई 2012 से जारी है। जिसमें कई ऐसे भक्त हैं, जो शुरुआती दौर से ही मंत्र लेखन कर रहे हैं। लोग बेहद भक्तिभावना से आते हैं और मंत्र लेखन में जुट जाते हैं।

अभी तक 30 करोड़ से अधिक मंत्र लिखे जा चुके
अभी तक 30 करोड़ से अधिक मंत्र लिखे जा चुके हैं। मंत्र लेखन को लेकर एक पुष्यवर्धन उत्सव मंत्र अर्पण का यह आठवां अभिषेक के लिए आयोजन किया जा रहा है। नौ वैदिक पंडित विशेष पूजा अर्चना कर रहे हैं। जिसमे यहां मंत्र लेखन करने वालों के अलावा हर किसी को इस आयोजन में सम्मिलित होने का अवसर मिलता है। लोगों की माने तो यहां आकर मंत्र लेखन करने से उन्हें सुकून तो मिलता ही है।

जलेश्वर महादेव मंदिर एक नजर में
प्रथम मंत्र अभिषेक 3 करोड़ 17 लाख 87 हजार 809 मंत्र।
द्वितीय मंत्र अभिषेक 3 करोड़ 76 लाख 52 हजार 79 मंत्र।
तृतीय मंत्र अभिषेक 4 करोड़ 85 लाख 64 हजार 121 मंत्र।
चतुर्थ मंत्र अभिषेक 4 करोड़ 32 लाख 31 हजार 131 मंत्र।
पंचम मंत्र अभिषेक 3 करोड़ 85 लाख 55 हजार 32 मंत्र।
षष्टम मंत्र अभिषेक 3 करोड़ 27 लाख 3 हजार 515 मंत्र।
सप्तम मंत्र अभिषेक 3 करोड़ 42 लाख 16 हजार 243 मंत्र
अष्टम अभिषेक 3 करोड़ से अधिक
अब तक कुल मंत्राभिषेक 30 करोड़ से अधिक