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बालोद के गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात, गलियों में दिनभर घूमते रहा दंतैल, घरों को छोड़ छत पर दुबके लोग

Wild Elephant in Chhattisgarh: बालोद जिले में एक बार फिर जंगली हाथियों के दल ने धमक दे दी है। डौंडी विकासखंड के ग्राम खुर्सीटिकुर की गलियों में दंतैल हाथी दिनभर मजे से घूमता रहा।

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बालोद

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Dakshi Sahu

Sep 20, 2021

बालोद के गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात, गलियों में दिनभर घूमते रहा दंतैल, घरों को छोड़ छत पर दुबके लोग

बालोद के गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात, गलियों में दिनभर घूमते रहा दंतैल, घरों को छोड़ छत पर दुबके लोग

बालोद/दल्लीराजहरा. बालोद जिले में एक बार फिर जंगली हाथियों के दल ने धमक दे दी है। डौंडी विकासखंड के ग्राम खुर्सीटिकुर की गलियों में दंतैल हाथी दिनभर मजे से घूमता रहा। दूसरी आरे डरे सहमे ग्रामीण कच्चे मकानों से निकलकर आसपास के पक्के मकानोंं की छत पर चढ़कर जान बचाने की कोशिश करते नजर आए। हाथियों का दल अब ग्राम दिघवाड़ी, जिलावाही, जबकसा, चिहरो, उरझे, खर्सीटिकुर, सुरडोंगर, लिमऊडीह, मथेना क्षेत्र में विचरण कर रहा है। वन विभाग ने लोगों को अलर्ट कर दिया है। वहीं उप वन मंडलाधिकारी विवेक शुक्ला ने विभिन्न गांव का निरीक्षण किया। इन दिनों 15 हाथियों का दल अलग-अलग दो समूहों में बंट कर गांवों में जमकर उत्पात मचा रहे हैं। हाथियों ने ग्राम खुर्सीटिकुर मेंं धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। किसानों में फसल की बर्बादी को लेकर भय है।

फसलों को किया बर्बाद
कई महीनों से लगभग 22 से 26 हाथियोंं का समूह डौंडी ब्लॉक के गांवों में विचरण कर रहे हैं। हर दिन किसी न किसी किसान की फसल बर्बाद हो रही है। वहीं वन विभाग भी मदद नहीं कर पा रहा है।
पिछले वर्ष महासमुंद क्षेत्र से भटककर चंदा हाथी का यह दल डौंडी विकासखंड आया है। अलग-अलग क्षेत्र मेंं विचरण करने से वन विभाग को इन पर निगरानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जंगली हाथियों के दल ने इससे पूर्व ग्राम गुजरा व दानीटोला मेें जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के एक दल ने अडज़ाल में फसल को नुकसान पहुंचाया।

खुर्सीटिकुर के आवासीय क्षेत्र में दिनहदाड़े दंतैल हाथी के आमद से ग्रामवासी पूरे दिन भयभीत रहे। ग्रामवासियों में भय रहा कि कहीं हाथी किसी मकान को क्षतिग्रस्त न कर दे या जनहानि न हो जाए। हाथियों के आमद की खबर पर उप वन मंडलाधिकारी विवेक शुक्ला ने वन विभाग अमले के साथ खुर्सीटिकुर के अलावा दिघवाड़ी, जिलावाही, जबकसा, चिहरो, उरझे, खर्सीटिकुर, सुरडोंगर, लिमऊडीह, मथेना क्षेत्र में भ्रमण का स्थिति का निरीक्षण किया। अलर्ट जारी किया।

अब तक तीन लोगों को मार चुके हैं हाथी
16 सितंबर को हाथी ने ग्राम कुर्रूभाठ निवासी संतोष भुआर्य नामक व्यक्ति को मार डाला। अब तक तीन लोगों को मारा है। हाथियों के उत्पात से लोगों मेंं दहशत है। स्थानीय एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारी हाथियों से बचाव के लिए उपाय कर रहे हैं, लेकिन हाथियों का उत्पात नहीं थम रहा है। हाथियों ने फसलों के अलावा आवासों को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस उपाय कर हाथियों को भगाकर राहत प्रदान करने की मांग की है। हाथियों का लोकेशन बदलता रहता है, जिसे लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

मुड़पार के जंगल में विचरण कर रहा हाथियों का एक दल
डौंडीलोहारा वन परिक्षेत्र में इन दिनों 20 से 22 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। अधिकारी जीवनलाल सिन्हा ने बताया कि दल प्रभारी आदो राम मंडावी, वनपाल व दल सहायक रूपराम ठाकुर, वन रक्षक मौके पर तैनात रहे। उन्होंने बताया कि लगभग 20 से 22 की संख्या में हाथी विचरण कर रहे हैं। फसल हानि हुई है लेकिन मकान और जन हानि नहीं हुई है। वर्तमान में हाथियों का लोकेशन कक्ष क्रमांक - 327 पीएफ परिसर मुड़पार है। मुड़पार, हितापठार, बासदो, लमती, तुएगोंदी, तुमड़ीकसा, कमकापार, जरहा लमती अलर्ट पर है। सिन्हा ने बताया कि कक्ष क्रमांक 327 पीएफ में उपवनमंडलाधिकारी ने हाथी विचरण क्षेत्र में दौरा किया है। मुड़पार मे भी ग्रामीणों से जंगल की ओर व हाथी विचरण क्षेत्रों में न जाने मुनादी कराई गई है।