
बेटियों ने बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाओ का अनूठे अंदाज में दिया संदेश, तोहफे के पौधों को भाई और बहन मिलकर बनाएंगे पेड़
बालोद. स्कूल में नई पहल से नई परंपरा की शुरूआत की गई। छात्राओं ने छात्रों को राखी बांध कर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया, वहीं छात्रों ने भी तोहफे में बहनों को पौधा सौंपकर पर्यावरण का संरक्षण में सहयोग की अपील की। इस दौरान भाई व बहनों ने पौधों को पेड़ बनाने का संकल्प लिया।
भाइयों ने बहनों को गिफ्ट में दिया पौधा
कहा जाए इस पहल से जिले की बेटियों ने बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाओ का संदेश अनूठे अंदाज में दिया है, वहीं बेटों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए स्कूली बहनों को गिफ्ट के तौर पर एक पौधा सौंपा है। भाई व बहनों ने साथ मिलकर उन पौधों को रोपित कर उसे एक पेड़ बनाने का संकल्प लिया। यह संदेश व संकल्प अब जिले के सभी शासकीय व अशासकीय स्कूलों में लागू किए जाने की जरूरत है, जिससे पर्यावरण को सुरक्षित बनाए रखने एवं बेटियों को आगे बढ़ाने को सार्थक किया जा सके।
ग्राम भंडेरा के हायर सेकंडरी स्कूल में अच्छी पहल
जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम भंडेरा के हायर सेकंडरी स्कूल में शनिवार को दोपहर 2 बजे स्कूल प्रांगण में अच्छी पहल की शुरूआत की गई। स्कूली छात्राओं ने अपने सहपाठी छात्रों को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देते हुए बेटी बचाओ की लोगो वाली राखी बांधी। इस दौरान छात्रों ने बतौर तोहफा एक पौधा बहनों को सौंपा। उक्त पौधों को सभी ने मिलकर स्कूल के प्रांगण में रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने पौधे को पेड़ बनाने का संकल्प लिया।
पर्यावरण प्रेमी भोजराम के प्रयास से रोपे गए 286 पौधे
जिले के पर्यावरण प्रेमी भोजराम साहू ने हमेशा पर्यावरण का संदेश देते हुए नई पहल करते रहे हैं, इसके तहत पर्यावरण को बचाए रखने और सुरक्षित रखने में उनका विशेष योगदान रहता है। इसी के तहत पर्यावरण प्रेमी भोजराम ने भंडेरा के हायर सेकंडरी के बच्चों के सहयोग से स्कूल प्रांगण में 286 पौधे रोपित करवाए गए। इस अनूठे प्रयास के लिए ग्राम के लोगों ने उनका साथ दिया। इस दौरान भंडेरा के सरपंच परदेशी राम गावरे, सचिव भुनेश्वर दास बघेल, शाला विकास समिति के अध्यक्ष डोमन लाल रात्रे और प्राचार्य बीएस ठाकुर व रमेश कुमार वर्मा, थानसिंह साहू, पुनीत राम सोरी, केसरीन बेग, नंदा सोनी मौजूद रहे। प्राचार्य बीएस ठाकुर ने बताया हायर सेकंडरी स्कूल में वर्तमान में 143 बच्चे अध्यनरत हैं, जिसमें 77 बालक व 66 बालिका हैं। यह पहल हर वर्ग को एक संदेश देगा।
Published on:
20 Aug 2018 08:10 am

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