
minor construction गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम परसोदा में बन रहे माइनर में स्तरहीन व गुणवत्ताहीन कार्य से लोग नाराज हैं। पत्रिका की टीम ने भी वहां जाकर कार्य का निरीक्षण किया तो पाया कि पुराने टूटे माइनर की मरम्मत करा ली गई है, लेकिन माइनर का काम पूरा हुआ नहीं और अभी से टूटने लगा है। इस गड़बड़ी के पीछे पूर्व के पेटी ठेकेदार को जिम्मेदार माना जा रहा है। हालांकि स्तरहीन काम की वजह से उस पेटी ठेकेदार को काम कराने से मना कर दिया है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों बाद माइनर बन रही है, ऐसे में सही गुणवत्ता के साथ कार्य हो।
मंगलवार को ग्राम परसोदा के ग्रामीण भी गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य की शिकायत को लेकर सिंचाई विभाग पहुंचे थे और जांच कराने की मांग की थी। गड़बड़ी को लेकर पत्रिका ने भी प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद बुधवार को सिंचाई विभाग के ईई पीयूष देवांगन ने भी निरीक्षण किया। हालांकि वहां टूटे हिस्से की पहले मरम्मत करा दी गई थी। लेकिन माइनर में जगह-जगह दरार भी देखी गई। सिंचाई विभाग के कार्यपालन अभियंता ने ठेकेदार से कहा कि कोई गड़बड़ी न हो, जहां गड़बड़ी हुई है, उसे सुधारा जाए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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जब यहां काम की शुरुआत की गई तो ठेकेदार जेसीबी से खुदाई कर बिना पानी डाले ही कांक्रीट करने लगा। जिसके कारण माइनर टूटी। अब मरम्मत के बाद भी धंस रही है।
ग्राम परसोदा के ग्रामीण धनराज साहू सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारी आज निरीक्षण में आने वाले थे तो इसकी सूचना टाइम कीपर को सुबह देनी थी, जिससे अधिकारी के पास निरीक्षण के दौरान ग्रामीण भी रहते। अचानक ग्रामीणों को सूचना दी, ऐसे में ग्रामीण अपने-अपने काम पर चले गए थे।
ग्रामीणों की यही मांग है कि माइनर में पानी डाला जाए और देखें कि नाली की ढाल सही है या नहीं। ग्राम पंचायत सरपंच कचरुराम ने कहा कि शुरुआत में जो गलती हुई, वह पेटी ठेकेदार के कारण हुई लेकिन अभी जो निर्माण चल रहा है, वह सही तरीके से चल रहा है। नाली की ढाल देखने सिंचाई विभाग से कहकर पानी माइनर में डलवाया जाएगा।
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Published on:
15 May 2024 11:23 pm

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