
Mosquito outbreak मानसून सीजन शुरू होते ही मच्छर पनपने लगे हैं। डेंगू व मलेरिया के मरीज भी सामने आने लगे हैं। जिले में दो डेंगू व 58 मलेरिया के मरीज सामने आ चुके हैं। डेंगू के मरीज पश्चिम बंगाल के निवासी थे। डेंगू का प्राथमिक उपचार कराकर वे लौट गए।
वहीं बीते 10 दिनों में जिले में 10 मलेरिया के नए मरीज मिले हैं, जिनका उपचार चल रहा है। लगातार मिल रहे मरीजों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विभाग सक्रिय हो गया है। ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों में साफ-सफाई के निर्देश दिए गए हैं। नालियों व अन्य स्थानों पर पानी के जमाव पर दवा छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक शहर सहित ग्रामीण अंचल में दवाई का छिड़काव शुरू नहीं हुआ है।
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जिले में जहां मलेरिया के मरीज ज्यादा मिल रहे हैं, वहां मलेरिया जांच कैंप लगाकर ग्रामीणों का रक्त सैंपल लिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को भी सावधानी बरतने व मच्छरदानी का उपयोग करने के निर्देश दिए हंै।
मलेरिया के मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। मलेरिया विभाग की माने तो जिले में सबसे ज्यादा मच्छर का प्रकोप डौंडी, डौंडीलोहारा ब्लॉक में है। यही क्षेत्र जंगल से लगा है। जहां ज्यादा नमी पाई जाती है, वहां मच्छर का प्रकोप अधिक रहता है। यही वजह है कि इन ब्लॉक में मलेरिया के मरीज अधिक मिलते हैं।
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ब्लॉक - मरीज
बालोद - 5
डौंडी - 29
डौंडीलोहारा - 12
गुंडरदेही - 5
गुरुर - 7
कुल - 58
जिले के पांचो विकासखंड की बात करे तो बालोद व गुंडरदेही में मलेरिया के पांच-पांच व गुरुर में सात मरीज मिले हंै। जिले के इन तीनों विकासखंडों में सबसे काम मरीज मिले हैं।
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मलेरिया के लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं।
बुखार और पसीना आना।
ऐसी ठंड लगना, जो आपके पूरे शरीर को हिला दे।
सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द।
थकान।
सीने में दर्द, सांस लेने में समस्या और खांसी।
दस्त, मतली और उल्टी
खुली त्वचा पर डीईईटी (डाइएथिलटोलुआमाइड) युक्त मच्छर निरोधक लगाएं।
सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
खिड़कियों और दरवाजों पर जालियां लगाएं।
कपड़ों, मच्छरदानियों, टेंटों, स्लीपिंग बैगों और अन्य कपड़ों को पर्मेथ्रिन नामक कीट विकर्षक से उपचारित करें।
अपनी त्वचा को ढंकने के लिए लंबी पेंट और लंबी आस्तीन वाले कपड़े पहनें।
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बालोद जिला मलेरिया अधिकारी रमेश सोनबोईर ने कहा कि मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में रक्त सैंपल लेकर जांच की जा रही है। शहरी व ग्रामीण इलाकों में मच्छररोधी दवाई के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं। किसी को मलेरिया का लक्षण दिखे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं, वहां इलाज की पूरी सुविधाएं उपलब्ध है।
Updated on:
15 Jul 2024 11:46 pm
Published on:
15 Jul 2024 11:42 pm

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