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पत्रिका अमृतम् जलम् अभियान: तांदुला नदी को बचाने नगर पालिका प्रशासन आया सामने

पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने बुधवार को अपने अध्यक्षीय कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। बजट में तांदुला नदी को बचाने 20 लाख सुरक्षित की है।

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बालोद. नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने बुधवार को अपने अध्यक्षीय कार्यकाल का चौथा बजट पेश किया। उन्होंने 25 करोड़ 81 लाख 10 हजार के लाभकारी बजट में नदी के संरक्षण और संवद्र्धन के लिए कदम उठाया गया है। इस बजट में खास बात ये रही कि तांदुला नदी को बचाने के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। सदन ने नगर पालिका के इलाके की नदी भाग को व्यवस्थित करने के लिए 20 लाख की राशि सुरक्षित की है।

गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने बनाएंगे फिल्टर प्लांट

बजट बैठक में नगर पालिका के विपक्षी पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष से कहा नगर के घरों से निकलने वाले गंदे पानी को नदी में जाने रोका जाए। इसके लिए नगर में फिल्टर प्लांट का निर्माण करने बजट में इस विषय को रखा जाए। इस पर नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा सुझाव अच्छे हैं, इस विषय पर नगर पालिका फिल्टर प्लांट के लिए प्रस्ताव शासन को भेजेगी। इसके लिए जमीन चाहिए, पर यहां तो निर्माण शुरू कराओ तो आपत्ति लग जाती है कि जमीन पालिका की नहीं है। तांदुला नदी के साथ नगर के तालाबों की स्थिति सुधारने मरम्मत पर विचार किया गया।

माली हालत देख योजनाएं पूरी होने में है संदेह
इधर पालिका की माली हालात को देखते हुए बजट में शामिल घोषनाएं पूरी हो पाएगी कि नहीं इस पर लोगों को संदेह है। वहीं विपक्षी पार्षदों ने बजट सत्र के दौरान सदन के अंदर बजट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सदन के बहार जाते ही बजट को छलावा बताया और बजट प्रपत्र को फाड़ कर कचरा पेटी में डाल दिया।

जानें बजट में क्या है खास
25 करोड़, 81 लाख, 10 हजार के बजट को हर वर्ग के लिए बताया लाभकारी

01 लाख 2 हजार रुपए लाभ दिलाने का किया दावा
20 लाख की राशि तांदुला

गूंजा सदन, कब शुरू होगा गांधी भवन व घड़ी चौक का निर्माण

बजट पेश होने के बाद नगर के ऐतिहासिक गांधी भवन के विषय पर खूब बहस हुई। कहा गया कि ऐतिहासिक गांधी भवन का निर्माण कार्य कब शुरू होगा। कब तक नगर के विकास कार्य की जांच होती रहेगी और कब निर्णय आएगा। बता दें कि नगर का ऐतिहासिक गांधी भवन जमीन विवाद के कारण निर्माण कार्य रुक गया है। नगर में भी कई ऐसे लोग हैं जो निर्माण कार्य शुरू होता है या फिरशुरु होने वाला होता है तभी आपत्ति लगा देते हैं। जांच में साल लग जाता है। इधर अध्यक्ष का दावा है कि पुरानी घोषणाओ के 100 प्रतिशत काम हुए पूरे हो चुके हैं।

जब बात रखनी थी तब चुप रहे, बाहर आते ही दिखा रहे ताव
पालिका द्वारा पेश किए बजट के दौरान विपक्षी पार्षद शांत रहे। सत्र खतम होने के बाद इसे दिखावा व छलावा बताते हुए विपक्षी पार्षदों व एल्डरमैनों ने पालिका के बजट का विरोध किया। बजट की कापी को फाड़कर कचरा पेटी में फेंक दिए। बात दें कि जब नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने अपने बजट को सुनाया, तब किसी ने इस पर आपत्ति नहीं की, पर जैसे ही बजट खत्म हुआ, तो बाहर में विपक्षी पार्षदों ने बजट की कापी फाड़ दी।

आमापारा और जुर्रीपारा की वर्षों पुरानी समस्या दूर की जाएगी
इस बार हमने अपनी प्राथमिकता में अभुतपूर्व कार्यों को चिन्हित किया है। इसमें जहां एक ओर आमापारा, जुर्रीपारावासियों की समस्याओं को देखते हुए नवीन मुक्तिधाम को प्राथमिकता में रखा गया है, वहीं शहीद स्मारक के लिए सेफ्टी शेड निर्माण, तांदुला नदी उत्थान, ठेला रिक्शा श्रमिकों के लिए शेड निर्माण कर नई सुविधा समेत विभिन्न कार्य सम्मिलित हैं।

विपक्ष को विरोध का बहाना चाहिए
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा कि बजट आम लोगों के हित में है। हर वर्ग को लाभ मिलेगा। विपक्ष को सिर्फ विरोध करने का बहाना चाहिए था इस कारण विरोध कर रहे हैं। पिछली घोषणाओं के 100 प्रतिशत काम पूरे कर लिए गए हैं।