
पीडब्ल्यूडी मंत्री के आने की सूचना पर भागे, रेस्ट हाउस में महीनों से डेरा जमाए अधिकारी
बालोद . पीडब्ल्यूडी मंत्री की आने की सूचना पर महीनों से पीडब्ल्यूडी विभाग के रेस्ट हाउस व सर्किट हाउस में ठहरे अधिकारियों कों आखिर रेस्ट हाउस छोडऩा पड़ा। रेस्ट हाउस प्रभारी ने दोनों अधिकारियों को रेस्ट हाउस से जाने के आदेश दे दिए हैं। अपर कलक्टर को तो क्वाटर अलाट कर दिया गया है, तो तहसीलदार भी अपना लाइट आशियाना ढूंढने में लगे हैं।
तीन दिन ही रूक सकते हैं रेस्ट हाउस में
बता दें कि एक अधिकारी बीते तीन से चार माह से ज्यादा दिनों से रेस्ट हाउस व सर्किट हाउस में रुके हुए थे, जबकि नियम के तहत रेस्ट हाउस में सिर्फ तीन दिन ही रुकने की अनुमति रहती है, पर यहां तो जिम्मेदार अधिकारी ही मनमानी करते हुए महीनों से नियम को दरकिनार कर रेस्ट हाउस में रुके हुए थे, जिसे मंगलवार को खाली करा दिया गया।
कहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री के आगमन से तो नहीं हटे अधिकारी
बता दें कि बीते कई माह से अधिकारी सरकारी पीब्ल्यूडी रेस्ट हाउस व सर्किट हाउस में रह रहे थे। जहां से वे हटने का नाम नहीं ले रहे थे, पर मंगलवार को विकास यात्रा के लिए मुख्यमंत्री रमन सिंह के साथ शामिल होने पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत के बालोद आगमन की भी सूचना है।
इससे प्रशासन स्तर पर हड़कम्प मचा हुआ है। इस कारण आनन-फानन में पीडब्ल्यूडी के रेस्ट हॉउस व सर्किट हाउस की साफ -सफाई और लिपाई पुताई शुरू कर दी गई है। वहीं तैयारियों को देखते हुए यहां महीनों से रुके अधिकारियों को भी वहां से हटने के निर्देश दे दिए गए। इस वजह से अधिकारी भी सर्किट हाउस को खाली करके चले गए। माना जा रहा है कि कहीं न कहीं पीडब्ल्यूडी मंत्री के आने का यह असर है।
मना करने के बाद भी सिगरेट पीते लूडो खेलने पहुंच जाते हैं छूटभैए नेता
बता दें कि रेस्ट हाउस व सर्किट हॉउस की कुछ नियम व मान मर्यादा है, पर यहां तो भाजपा के कुछ छूटभैए कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहता है, फिर यहां सिगरेट पीने और लूडो खेलते टाइमपास भी करते हैं। जब नया सर्किट हाउस नहीं बना था तो पुराने रेस्ट हाउस में इनका जमावड़ा लगा रहता था, पर अब नए रेस्ट हाउस का आनंद लेते लोग बैठे रहते हैं।
अधिकारियों की बात नहीं सुनते छुटभैए नेता
जानकारी के मुताबिक ऐसे बेकार में बिना काम के लोगों को यहां आने व बैठने से कई बार पीडब्ल्यूडी अधिकारी भी मना कर चुके हैं, पर इनकी बात नहीं सुनते हैं। जानकरी के मुताबिक रेस्ट हाउस से अब अधिकारियों के चले जाने से यहां के कर्मचारी भी राहत महसूस कर रहे हैं।
अधिकारियों को क्वार्टर अलाट
मामले में लोगों को कहना है अब शायद अधिकारी-कर्मचारी सीख ले कि कहां कितने दिन किसी को रुकवाना है। यही नहीं रेस्ट हॉउस और सर्किट हाउस की मर्यादा बनाए रखने के लिए भी उच्च अधिकारी को ध्यान देना चाहिए। डिप्टी कलक्टर जीएस नाग ने बताया रेस्ट हाउस में रह रहे अधिकारियों को क्वार्टर अलाट कर दिया गया है, वे अब वहीं रहेंगे।
Published on:
23 May 2018 10:06 am
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