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छत्तीसगढ़ के इस जिले में 400 साल पहले भूमि फोड़कर प्रकट हुए हनुमान जी, हर साल बढ़ रही प्रतिमा की ऊंचाई

Hanuman Jayanti 2021: बालोद जिले के ग्राम कमरौद में 400 साल पुरानी भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा है। इस प्रतिमा का आकार व ऊंचाई बढऩे का दावा मंदिर समिति व भक्त करते हैं।

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बालोद

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Dakshi Sahu

Apr 27, 2021

छत्तीसगढ़ के इस जिले में 400 साल पहले भूमि फोड़कर प्रकट हुए हनुमान जी, हर साल बढ़ रही प्रतिमा की ऊंचाई

छत्तीसगढ़ के इस जिले में 400 साल पहले भूमि फोड़कर प्रकट हुए हनुमान जी, हर साल बढ़ रही प्रतिमा की ऊंचाई

बालोद. बालोद जिले के ग्राम कमरौद में 400 साल पुरानी भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा है। इस प्रतिमा का आकार व ऊंचाई बढऩे का दावा मंदिर समिति व भक्त करते हैं। जमीन से निकलने के कारणयह भूफोड़ बजरंगबली के नाम से छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध हैं। इस मंदिर की प्रसिद्धि को लेकर इसे पर्यटन स्थल बनाने की मांग ग्रामीण व मंदिर समिति कर रहे हैं। मंदिर की खासियत यह है कि यहां जिसने भी सच्चे मन से भगवान बजरंग बली का स्मरण किया है। उसकी मनोकामना पूरी हुई है। यही वजह है कि लोगों की आस्था बढ़ रही है। मंदिर को भव्य रूप देने दानदाताओं के सहयोग से निर्माण करवाया जा रहा है।

शासन-प्रशासन की उपेक्षा के शिकार मंदिर
जिले के इस ऐतिहासिक बजरंगबली के मंदिर को लेकर कई लोग दावा करते है कि यह मंदिर 400 साल से भी ज्यादा पुराना है। मन्दिर की वास्तविक स्थिति व किस सदी का है, इसका पता नहीं चल पाया। इतना है कि इस मंदिर के प्रति लोगों की आस्था बढ़ रही है। शासन-प्रशासन से इस मंदिर के लिए जैसा सहयोग मिलना चाहिए, वैसा नहीं मिल रहा।

मंदिर समिति के उमेद, कौशल ने बताया कि हर साल महाशिवरात्रि पर मेला लगता है। दो साल से कोरोना के कारण कोई आयोजन नहीं हो रहा। हालांकि दानदाताओं ने मिलकर भव्य शिवलिंग व गार्डन का निर्माण कराया है। इस साल कोरोना के चलते मंदिर में प्रवेश वर्जित है, लेकिन कोरोना काल के पहले मंदिर में भक्तों की भीड़ रहती थी।

जन्मोत्सव पर नहीं होगा आयोजन
इस बार फिर हनुमान जयंती पर कोरोना का साया है। भगवान बजरंगबली के भक्त कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए जन्मोत्सव मनाएंगे। मंदिर परिसर में किसी तरह के भंडारे का आयोजन नहीं होगा। भक्त घरों में ही पूजा आराधना करेंगे।


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