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घटिया निर्माण का नमूना, दो साल में 55 लाख का स्कूल भवन हो गया जर्जर

55 लाख की लागत से पीडब्ल्यूडी ने भवन बनवाया है। यह अभी से ही जर्जर होने लगा है। भवन में दीवारों पर कई जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं।

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बालोद

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Dakshi Sahu

Jun 24, 2018

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घटिया निर्माण का नमूना, दो साल में 55 लाख का स्कूल भवन हो गया जर्जर

बालोद (सिकोसा). लोक निर्माण के बनाए गए स्कूल भवनों का पोल इस बरसात में सामने आ रहा भवन की नींव मजबूत हो या ना हो लेकिन भ्रष्टाचार की नींव ज्यादा मजबूत है, हल्दी में बने नवीन स्कूल भवन भ्रटाचार की भेंट चढ़ गया है। यह हल्दी के नवीन हायर सेकंडरी स्कूल भवन को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। जिसका 13 मई 2016 को लोकार्पण हुआ।

इसे 55 लाख की लागत से पीडब्ल्यूडी ने भवन बनवाया है। यह अभी से ही जर्जर होने लगा है। भवन में दीवारों पर कई जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। टाइल्स उखडऩे लगा है। प्राचार्य कमरा में हल्की बारिश में भी पानी भर रहा है जिसके चलते प्राचार्य के बैठने की भी व्यवस्था नहीं है। सभी कमरों में पानी सीपेज हो रहा है।

खंडहर में तब्दील भवन
भवन में चार कमरा, एक स्टाफ कक्ष, एक प्राचार्य कक्ष, लिपिक कार्यालय, परीक्षा विभाग कक्ष, लैब दो कमरा व शिक्षकों एवं बच्चों के बैठने के लिए अलग प्रसाधन की व्यवस्था है। भवन में निर्माण एजेंसी व ठेकेदार ने ऐसी लापरवाही बरती है कि महज दो साल में ही भवन खंडहर के रूप में तब्दील होने जा रहा है।

उक्त भवन में सैकड़ों बच्चे प्रतिदिन पढऩे आते हैं लेकिन बच्चों के अलावा शिक्षकों को भी उक्त भवन का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते शिक्षकों व बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार बारिश में उन्हें ज्यादा परेशानी होगी।

फिर भी हो रहा सीपेज
भवन का हाल देखने जब मीडियाकर्मी पहुंचे तो पहले सभी कमरों का जायजा लिया गया। जहां देख गया कि अभी से ही दीवारों पर कई दरारें आ गई है। जिसकी मरम्मत भी की गई है। उसके बाद भी बारिश का पानी कमरों के अंदर सीपेज होकर घुस रहा है। भवन निर्माण व मरम्मत के नाम पर महज खानापूर्ति ही की गई। लोक निर्माण एस डी ओ नाथ फोन से सम्पर्क करने से फोन नहीं उठाया।

लाखों रुपए की चपत
ग्रामीणों की मानें तो उक्त भवन का लोकार्पण लगभग दो साल पहले हुआ है। भवन लोकार्पण के बाद कोई भी बड़े अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस भवन का हाल देखने नहीं पहुंचा। मुख्यमंत्री के बालोद दौरे के समय आनन-फानन में इस भवन का लोकार्पण करा दिया गया। लोकार्पण होने के बाद उक्त भवन में स्कूल तो संचालित होने लगी लेकिन ठेकेदार व अधिकारी निर्माण कार्य के आड़ में लाखों रूपए अंदर कर लिए।