
बालोद विकासखंड के ग्राम लाटाबोड़, ग्राम पंचायत हीरापुर, पोंडी में ड्रोन सर्वे किया जा रहा है
बालोद. जिले के ग्रामीण आबादी क्षेत्र के लोगों को भी अब डिजिटल पट्टे मिलेंगे। केंद्र सरकार ने जिले को स्वामित्व योजना में शामिल किया है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना वेबसाइट आंकड़ों के मुताबिक जिले के कुल 435 ग्राम पंचायतों के 668 गांवों में यह सर्वे किया जाना है। तीन अक्टूबर तक कुल 374 गांवों में ड्रोन सर्वे पूर्ण हो चुका है। अभी भी 212 गांवों में सर्वे पूरा किया जाएगा। आरआई, पटवारी, सरपंच, सचिव की टीम एक माह से ड्रोन से गांवों का सर्वे कर रही है। जब तक सभी गांवों का सर्वे नहीं हो जाता तब तक सर्वे चलेगा। इन दिनों टीम बालोद विकासखंड के ग्राम लाटाबोड़, ग्राम पंचायत हीरापुर, पोंडी में ड्रोन सर्वे किया जा रहा है। जिले में इस तरह का सर्वे पहली बार किया जा रहा है।
गांव के घरों के ड्रोन सर्वे से मिलेगा यह लाभ
ग्राम मटिया में सर्वे कर रहे पटवारी छन्नूलाल साहू ने बताया कि पट्टा वितरण में और पारदर्शिता आएगी। जमीनों को लेकर धोखाधड़ी के मामले घटेंगे। आवास या जमीन खरीदने-बेचने पर लोग जमाबंदी की तरह संबंधित क्षेत्र का ऑनलाइन डिजिटल पट्टा देख सकेंगे। पंचायत का डिजिटल डेटा भी उपलब्ध जाएगा।
जिला पंचायत, राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कर रहे हैं सर्वे
राजस्व विभाग के अनुसार एकत्रित नक्शों और ग्रास रूट डेटा का लाभ डिजिटल साथ विभिन्न विकास योजनाओं में कई रूप में प्रदेश को पट्टों के मिलेगा। योजना में जिला पंचायत, पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग व भारतीय सर्वेक्षण विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। क्षेत्र का सर्वे होने से गांव में आबादी, चारागाह व सिवाय चक भूमि चिन्हित हो जाएगी। इस सर्वे के बाद मिलने वाले डिजिटल पट्टों से लोगों को लाभ मिलेगा।
किस तहसील के कितने गांव में हुआ सर्वे
तहसील -कुल ग्राम -सर्वे पूर्ण ग्राम - शेष ग्राम
बालोद -89-60-29
गुरुर -122-155-7
डौंडीलोहारा-212-93-119
गुंडरदेही -101-98-3
अर्जुन्दा -62-8-54
कुल -586-374-212
डौंडी विकासखंड में नहीं हुआ है सर्वे
भू-अभिलेख व राजस्व विभाग के मुताबिक अभी बालोद, गुरुर, गुंडरदेही, अर्जुंदा व डौंडीलोहारा तहसील में ड्रोन सर्वें किया जा रहा है। वहीं डौंडी तहसील में ड्रोन सर्वें शुरू नहीं किया गया है। इन 5 तहसीलों में सर्वे का कार्य पूर्ण होने के बाद डौंडी तहसील में सर्वे किया जाएगा।
इस तरह हो रहा काम
सबसे पहले पंचायत पटवारी के सहयोग से संबंधित गांव के आबादी क्षेत्र की चूने से मार्किंग करवाई जा रही है। सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वेयर्स संबंधित गांव का ड्रोन से सर्वे कर इसकी इमेज संबंधित पंचायत को सौंप देते हैं। नक्शा इमेज में अंकित आबादी क्षेत्र की बाहरी सीमा की जांच का काम पटवारी एवं ग्राम विकास विकास अधिकारी करते हैं। सीमाओं के अंदर की जांच संबंधित पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, दो वार्ड पंच करते हैं। जांच में संबंधित वार्ड का पंच का होना जरूरी है। जांच के आधार पर नक्शे में संशोधन कर पंचायत को डिजिटल पट्टे जारी करने के लिए सौंप देता है।
Published on:
03 Oct 2022 11:32 pm

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