18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुबह लगने लगी ठंड, तापमान में 2 डिग्री की गिरावट, मौसमी मरीजों से भरी ओपीडी

इन दिनों जिला अस्पताल का पूरा वार्ड वायरल फीवर के मरीजों से भर गया है। जिला अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या लगभग 350 हो गई है, जिसमें से सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, खांसी व बुखार के हैं।

2 min read
Google source verification
जिला अस्पताल में अलग से बना जच्चा-बच्चा वार्ड

बच्चे का इलाज करते चिकित्सक

बालोद. जिले में एक बार फिर मौसम परिवर्तन हो रहा है। बारिश का सीजन समाप्त होने के बाद अब ठंड का अहसास शुरू हो गया है। वहीं ठंड गर्म मौसम का असर लोगों पर पडऩे लगा है। खासकर छोटे बच्चों पर। इन दिनों जिला अस्पताल का पूरा वार्ड वायरल फीवर के मरीजों से भर गया है। जिला अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या लगभग 350 हो गई है, जिसमें से सबसे ज्यादा मरीज सर्दी, खांसी व बुखार के हैं। ओपीडी मरीजों में रोजाना 30 से 40 मरीज तो छोटे बच्चे हैं। जिला अस्पताल ने वर्तमान में 15 छोटे बच्चे निमोनिया, सर्दी, खांसी व बुखार के भर्ती हैं। जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों में अगर ये लक्षण दिखाई दें तो उसे मामूली न समझें क्योंकि जरा सी लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीर कर सकती है। बदले मौसम व बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट भी जारी कर दिया है।

दो डिग्री लुढ़का न्यूनतम तापमान
बीते कुछ दिनों से रात व सुबह ठंड का अहसास होने लगा है व शीत भी बरस रही है। बीते सप्ताह की अपेक्षा इस सप्ताह न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री गिरावट हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री दर्ज किया गया।

बच्चों के इलाज के लिए अलग से बनाया वार्ड
लगातार पीडि़त बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल प्रबंधन ने अब जच्चा-बच्चा केंद्र में बच्चों के इलाज के लिए अलग से वार्ड बनाया दिया है। जहां शिशु रोग विशेषज्ञ की निगरानी में इलाज चल रहा है। हालांकि कई बच्चे स्वस्थ होकर चले गए हैं लेकिन लगातार मरीज आ रहे हैं। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी। ऐसे में मरीजों की संख्या और बढ़ जाएगी।

6 माह से 10 साल के बच्चे ज्यादा प्रभावित
जिला अस्पताल से मिले आंकड़े के मुताबिक अभी मौसम का असर सभी वर्गो पर जरूर पड़ रहा है। पर सबसे ज्यादा असर 6 माह से 10 साल के बच्चों पर ज्यादा हो रहा है। जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों व जिले भर के सरकारी अस्पतालों में भी बच्चों से अस्पताल भरा हुआ है।

बुजुर्गों का इस तरह रखें ध्यान
सुबह तापमान सामान्य से कम हो तो टहलने या वाकिंग पर धूप निकलने के बाद ही निकलें।
घर के अंदर भी गर्म कपड़े पहनकर रहें।
नहाने में हल्के गर्म पानी का उपयोग करें।
ठंडी चीजों का सेवन न करें, गर्म व ताजा भोजन खाएं।
मौसमी फलों का सेवन करें, शरीर में पानी की मात्रा भी बनाएं रखें।
हल्दी वाला दूध, काढ़ा आदि का भी सेवन करें।

बच्चों के लिए यह जरूरी
बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, खासकर कान और छाती ढंककर रखें।
गर्म खाना खिलाएं, ठंडी चीजों से परहेज करें।
बाहर ठंडी हवा में न घूमने दें।
सर्दी या खांसी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करें।

मौसम में बदलाव का असर सेहत पर
मौसम में बदलाव बारिश व बदली यानी असंतुलित वातावरण का असर अब लोगों की सेहत पर पडऩे लगा है। जिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी मरीजो की संख्या अन्य दिनों की तुलना में बढ़ी है। इस मौसम में लोगों में सर्दी, खांसी, बुखार आदि की शिकायत ज्यादा मिल रही है। वही छोटे बच्चो व बुजुर्गों में इसका असर ज्यादा पड़ रहा है।

सावधानी बरतने की जरूरत
जिला अस्पताल बालोद के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक मेश्राम ने कहा कि ठंड का सीजन शुरू हो रहा है। ठंड गर्म मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ा है। छोटे बच्चों व बुजुर्गों में असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।