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उपसरपंच की इस गंदी करतूत से भड़के लोग, कलेक्टर के निर्देश पर दर्ज हुआ FIR

हितग्राहियों से आवेदन की स्वीकृति तथा शासन द्वारा स्वीकृत राशि प्रदान किए जाने के बदले राशि मांगे जाने की शिकायतों के बाद एफआईआर दजर् हुआ है

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FIR

बलौदाबाजार. जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राही से दस हजार रुपए मांगने वाले उपसरपंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। जिले के कई स्थानों में हितग्राहियों से आवेदन की स्वीकृति तथा शासन द्वारा स्वीकृत राशि प्रदान किए जाने के बदले राशि मांगे जाने की शिकायतों के बाद प्रथम बार एफआईआर होने से हितग्राहियों को राहत मिली है।

विदित हो कि कलक्टर राजेश सिंह राणा के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किसी प्रकार की शिकायत आने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसी तारतम्य में जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के ग्राम सलौनीखुर्द निवासी गंगाबाई पति स्व गणेश राम यादव द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उपसरपंच घनश्याम यादव एवं आवास मित्र श्याम सुंदर साहू द्वारा राशि की मांग करने की शिकायत की गई।

शिकायत प्राप्त होने पर कलक्टर ने जनपद पंचायत बिलाईगढ़ को जांच कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर एवं विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। कलक्टर के निर्देशानुसार सहायक विकास अधिकारी यूएस पटेल के द्वारा जांच कर एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच अधिकारी यूएस पटेल ने एफआईआर में उल्लेख किया है कि आवेदिका गंगा बाई द्वारा आवेदन देकर बताया है कि वर्ष 2016-17 में प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृत हुआ है, जिसकी प्रथम किस्त मिलने पर उपसरपंच घनश्याम यादव द्वारा 10 हजार रुपए की मांग की गई थी। दूसरी किस्त जारी होने पर आवास मित्र श्यामसुंदर साहू के द्वारा फोटो खींचने के बाद 1400 रुपए की मांग की गई। उक्त राशि को उन्होंने उपसरपंच एवं आवास मित्र को दिया है।

सीमेंट, छड़ खरीदने के लिए लिया : उपसरंपच
आवेदन के आधार पर जांच के दौरान उपसरपंच घनश्याम यादव से बयान लिए जाने पर कहा कि उन्होंने 10 हजार रुपए को आवास निर्माण हेतु सीमेंट एवं छड़ खरीदने के लिए लिया है। सामान नहीं खरीदने पर राशि हितग्राही को वापस कर देगा। आवास मित्र श्याम सुन्दर साहू ने हितग्राही से किसी प्रकार की राशि लेने से इंकार कर दिया, जिसके पश्चात हितग्राही को 10 हजार रुपए वापस करने एवं विभागीय कार्यवाही करने का प्रस्ताव जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन को दिया गया। पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।