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मंत्री के सामने इस विधायक के खिलाफ किसानों ने की जमकर नारेबाजी, ये थी वजह

केवल तीन माह के कार्यकाल में क्षेत्र के लोगों की अनदेखी करने के चलते स्थानीय विधायक के खिलाफ राजिम में विरोध दिखा।

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मंत्री के सामने इस विधायक के खिलाफ किसानों ने की जमकर नारेबाजी, ये थी वजह

गरियाबंद. राजिम में आयोजित संकल्प शिविर के कार्यक्रम में स्थानीय विधायक अमितेश शुक्ल के खिलाफ किसानों ने जमकर नारेबाजी की। केवल तीन माह के कार्यकाल में क्षेत्र के लोगों की अनदेखी करने के चलते स्थानीय विधायक के खिलाफ राजिम में विरोध दिखा।

कृषि उपज मंडी अधिनियम के आधार पर उपज की खरीदी करने सहित उपरोक्त विषयों को लेकर क्षेत्र के किसान राजिम विधायक अमितेश शुक्ल को ज्ञापन के माध्यम से अवगत करवाना चाहते थे। इसलिए शुक्रवार को राजिम मंडी में कांग्रेस द्वारा आयोजित संकल्प शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों किसान ज्ञापन देने पहुंचे थे। संकल्प शिविर में प्रभारी मंत्री रुद्र गुरु के साथ अमितेश शुक्ल भी पहुंचे, चूंकि सभा चल रही थी, इसलिए किसानों ने सभा समाप्त होने का इंतजार किया, लेकिन सभा समाप्त होने के बाद जैसे ही किसान विधायक अमितेश शुक्ल को ज्ञापन देने पहुंचे तो वे चल पड़े। किसान उसके पीछे-पीछे चलते रहे, लेकिन उन्होंने किसानों की ओर मुडक़र भी नहीं देखा, जिससे आक्रोशित किसानों ने अनदेखा करना बंद करो, कर्ज माफी के नाम किसानों के साथ छल नहीं चलेगा जैसे नारे लगाने लगे।

जिसके बाद अचानक ही सारा माहौल अमितेश शुक्ल के खिलाफ नजर आने लगा। ज्ञात हो कि जिला सहकारी बैंक को छोडक़र अन्य राष्ट्रीकृत बैंकों जैसे आईडीबीआई, स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक यूनियन बैंक इंडियन ओवरसीज बैंक आदि बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड धारी किसानों का कर्ज अभी तक माफ नहीं हुआ है, हालाँकि राज्य सरकार अभी भी इन बैंकों से किसानों का अल्पकालिक ऋण माफ करने की बात कह रही है, जबकि ऋण वसूली को लेकर बैंक अब किसानों पर दबाव बनाने लगे हैं।

लंबे समय से किसान संघर्षरत
किसान पिछले 22 जनवरी से संघर्षरत हैं। 22 जनवरी को कलेक्टर गरियाबंद के माध्यम से तथा 6 फरवरी को नायाब तहसीलदार फिंगेश्वर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया था। 20 फरवरी को किसानों ने बैठक कर निर्णय लिया था कि कर्ज माफी के लिए हम छह महीने और इंतजार कर सकते हैं, बशर्ते पूरा कर्ज माफी तक बैंक द्वारा किसानों से वसूली नहीं की जाए, ऐसा किसानों को लिखित भरोसा दिलाया जाए। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक अमितेश शुक्ल से मुलाकात कर किसान अपनी बात रखना चाहते थे, इसके लिए 21 फरवरी से विधायक को फोन एवं अन्य माध्यमों से संपर्क कर मुलाकात का समय चाह रहे थे परंतु लगातार संपर्क के बावजूद उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।जब संकल्प शिविर की जानकारी होने पर किसान राजिम मंडी में आयोजित संकल्प शिविर में ज्ञापन देने पहुंच गए, लेकिन विधायक को किसान भाजपाई नजर आने लगे और उन्हें भाजपा पार्टी के कुछ लोगों की संज्ञा दी डाली।

विधायक अमितेश शुक्ल द्वारा पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर किसानों को भाजपाई कहना और किसानों का ज्ञापन न लेना उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है, जिसका किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया है।
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