
खाद्य विभाग ने जारी किए निर्देश, अब रंग बताएगा कौन सा बर्फ है खाने लायक
भाटापारा. अब खाने लायक और खराब बर्फ की पहचान रंग से होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने प्रदेश की सभी बर्फ फैक्ट्रियों को इसके लिए जरूरी निर्देश और मानक की जानकारी देते हुए कहा है कि इसका पालन तत्काल किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही जिले में पदस्थ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस मामले में जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
ऐसा होता था उपयोग
बर्फ के माध्यम से खाद्य सामग्रियों को सुरक्षित रखने का काम सालों से चलता आ रहा है। अभी तक खाने और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए एक ही तरह के बर्फ का प्रयोग होता था। इससे खाद्य सामग्री के दूषित होने का खतरा बना रहता था। इसके अलावा पानी पाउच और कोल्ड्रिंग को भी ठंडा रखने के लिए ऐसे ही बर्फ उपयोग किए जाते थे।
आने लगी ये शिकायतें
विभाग ने अपनी अब तक की पिछली सभी जांच में यह पाया था कि बर्फ की सिल्ली बनाने की प्रक्रिया के दौरान जरूरी मानक का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे खाद्य सामग्री प्रदूषित तो होता ही है साथ ही यही बर्फ खाने में उपयोग किए जाने से स्वास्थ्यगत परेशानियां भी पैदा होती है। इसकी लगातार शिकायत मिलने की वजह से विभाग ने निर्देश जारी किया है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण में खाद्य और अखाद्य बर्फ की दो श्रेणियां तय कर दी है। नए फैसले के बाद खाने वाला बर्फ रंगहीन और पारदर्शी होगा। इसके निर्माण में माइक्रोबायोलॉजीकल तत्वों का होना जरूरी होगा। इससे खाद्य पदार्थ के रूप में उपयोग पूरी तरह उपयोगी होगा। अखाद्य श्रेणी के बर्फ बनने की प्रक्रिया में इंडिगोकार्मिग या ब्रिलियंट ब्लू कलर का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा। इसका मानक 10 पीपीएम होना जरूरी होगा। इस तत्व के होने से अखाद्य श्रेणी के बर्फ की पहचान की जा सकेगी। यह बर्फ खाद्य पदार्थ या कोल्डड्रिंक को ठंडा रखने के लिए उपयोग की जा सकेगी।
बलौदा बाजार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी डॉ अश्वनी देवांगन ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्देश के बाद प्रदेश में खाद्य एवं अखाद्य किस्म की बर्फ के लिए अलग-अलग मानक तय कर दिया गया है। खाद्य किस्म का बर्फ रंगहीन और अखाद्य बर्फ का रंग ब्रिलियंट ब्लू तय किया गया है।
Published on:
07 Jun 2018 05:34 pm
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