
विनोद जैन@नवापारा-राजिम. आर्थिक तंगी के चलते 6 सदस्यीय परिवार के साथ सामूहिक आत्महत्या के प्रयास में सोमवारी बाजार निवासी चुम्मन लाल शुक्ला ने अपनी जान गंवा दी थी। पत्रिका के प्रयास से पीडि़त परिवार के बच्चों को आज माना स्थित शासकीय बाल गृह माना कैंप आश्रम में भर्ती करा दिया गया।
इस आश्रम में सभी चारों बच्चों रूपेश (17), पूरन (13), गोलू (9) और नरेन्द्र (8) की शिक्षा-दीक्षा होगी। यानि अब इन बच्चों के भविष्य की सारी शंकाए दूर हो गई है। आश्रम में भर्ती कराते वक्त इन बच्चों की मां सरिता शुक्ला, विधायक धनेन्द्र साहू के पीए सुमेश सिंह ठाकुर मौजूद रहे। आश्रम संचालक ने राजेन्द्र प्रसाद निराला ने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि अब ये बच्चे उनके नहीं बल्कि आश्रम के बच्चे हैं। एक जिम्मेदार पालक की तरह आश्रम परिवार इन बच्चों को पूरी इमानदारी से पालन-पोषण किया जाएगा।
आश्रम की यह कोशिश रहेगी कि इन बच्चों का भविष्य स्वर्णिम हो। बच्चों की मां सरिता ने बताया कि बिना पिता के इन बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया था। मैं खुद सिकलिन बीमारी से पीडि़त होने के कारण इन बच्चों का भरण-पोषण नहीं कर पा रही थी। पत्रिका का आभार व्यक्त करना चाहती हूं कि हमारी व्यथा को लोगों तक पहुंचाया। जिसके चलते ही आम आदमी से लेकर जनप्रतिनिधि तक ने हमारा सहयोग किया। मुझे अपने बच्चों के भविष्य की चिंता थी, लेकिन अब मैं निश्चिंत हूं। साथ ही पत्रिका के सहयोग से सरिता की सिकलिन बीमारी का इलाज ओडिशा ले जाकर कराया जाएगा।
ये है मामला
बता दें कि 27 मार्च को चुम्मन लाल शुक्ला ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर सोमवारी बाजार स्थित अपने किराए के घर में परिवार सहित सामूहिक रूप से आत्महत्या करने की योजना बनाते हुए फांसी पर झूल गए थे। 6 सदस्यों के गले में फंदा बांध कर अपने योजना को मूर्तरूप देने ही जा रहे थे कि मां की ममता जाग गई। उसने बच्चों के गले से फंदा निकालना शुरू कर दिया। इस बीच चुम्मन फांसी पर झूल गया।
Published on:
08 Apr 2018 05:41 pm
बड़ी खबरें
View Allबलोदा बाज़ार
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
