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स्कूल में नहीं है शिक्षक, लगातार मांग के बाद भी जब शासन ने नहीं की व्यवस्था तो बच्चों ने उठाया ये कदम

छत्तीसगढ़ के फिंगेश्वर में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने गेट में ताला लगाकर शासन से शिक्षकों की मांग रखते हुए जमकर नारेबाजी की।

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स्कूल में नहीं है शिक्षक, लगातार मांग के बाद भी जब शासन ने नहीं की व्यवस्था तो बच्चों ने उठाया ये कदम

फिंगेश्वर. छत्तीसगढ़ के फिंगेश्वर में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने गेट में ताला लगाकर शासन से शिक्षकों की मांग रखते हुए जमकर नारेबाजी की। तहसीलदार के आश्वासन पर तालाबंदी खत्म की गई । विकासखंड के फर्शी खदान के नाम से जाने वाला ग्राम बासीन से जहां प्रतिदिन हजारों एवं लाखों के पॉलिश पत्थर का कारोबार होता है, ऐसे स्थान पर छात्र-छात्राओं के पढऩे के लिए शिक्षक न हो तो जाहिर है पढ़ाई के नुकसान को लेकर छात्रों में आक्रोश पनपता है।

यही आक्रोश 7 अगस्त को स्कूल समय पर देखने को मिला। स्कूल गेट के पास छात्र-छात्राएं एकत्रित होकर स्कूल का मुख्यगेट पर ताला जड़कर स्कूल नहीं खोलने दिया। साथ ही शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।

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उनका कहना था कि विगत 3 वर्षों से हाईस्कूल एवं मिडिल में शिक्षकों की मांग को लेकर पूर्व से शासन को अवगत कराया गया था। उसके बाद भी स्कूल में आज तक रसायन, जीवविज्ञान, लेखा शास्त्र, व्यवसाय, अंग्रेजी विषय के शिक्षकों का अभाव है। जिस की वजह से छात्रों का समय पर कोर्स पूरा नहीं होता।

छात्र-छात्राओं के तालाबंदी कार्यक्रम को लेकर बासीन के सरपंच राजू सोनी ने कहा कि आज यह नौबत आई है तो केवल शिक्षकों की कमी के कारण ही आई है। जिसे शासन को अतिशीघ्र पूरा करना चाहिए। छात्र -छात्राओं की मांग जायज है। तालाबंदी की खबर पर राजिम तहसीलदार ओमप्रकाश वर्मा एवं थाना प्रभारी संतोष सिंग भी स्कूल पहुंचे और छात्र-छात्राओं को तालाबंदी करने से मना किया। वहीं पर उन्हें शिक्षकों की कमी एक सप्ताह में दूर करने का आश्वासन दिया, तब जाकर 3-4 घंटे में छात्र-छात्राओं ने तालाबंदी स्थगित किया। इस अवसर पर सरपंच राजू सोनी, शाला के प्राचार्य एसएल घिंदोडे, शिक्षक-शिक्षिकांए एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।