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गांवों में बढ़ी समस्या, मासूम बच्चे साइकिल से ला रहे बाल्टियों में पानी

ग्रामीण हर साल की तरह इस बार भी बीते पखवाड़े भर से गंभीर पेयजल व निस्तारी की संकट से जूझ रहे हैं।

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सुहेला. नगर से 8 किमी दूर ग्राम मटिया के ग्रामीण हर साल की तरह इस बार भी बीते पखवाड़े भर से गंभीर पेयजल व निस्तारी की संकट से जूझ रहे हैं। गांव में स्थित तीन कुएं, पांच तालाब और दर्जन भर हैण्डपंप सहित गांव के पास से निकला जमनईया नाला सूख चुका है और आबादी क्षेत्र से दो किमी खुदा एकमात्र ट्यूबवेल का पानी पाइप लाइन होने के बावजूद गांव को पानी दे पाने में असमर्थ होने के कारण आधे बीच से पाइप काटकर पूरा गांव वहीं से पानी लाने को मजबूर है।

पानी भरने के समय बहने वाली पानी को एक डबरीनुमा पत्थर खदान में भरते हैं, जिससे पूरे गांव के ग्रामीण नहाते व निस्तारी करते हैं। ग्राम के घासीराम यदु, नंदकुमार साहू, काशीराम, यशोदा, राधिका साहू, हेमा यादव आदि ने बताया कि गांव के भीतर चिडिय़ा तक के पीने लायक पानी नहीं है और पूरा गांव बाइक, साइकिल में डिब्बा, ड्रमगाड़ी से पानी ढोते हैं, क्योंकि गांव तक पाइप लाइन बिछे होने के बावजूद ट्यूबवेल के पानी का सप्लाई गांव तक नहीं हो पाता है। किसी को पानी मिलता है किसी को नहीं। इसलिए बीच से पाइप लाइन काटकर यही से पानी ले जाते हैं।

लोगों ने बताया कि 15 साल पहले सरपंच दुखनी बाई के कार्यकाल में निजी भूमि पर बोर खनन कराकर तत्कालीन विधायक गणेश शंकर वाजपेयी ने पाइप लाइन बिछवाया था, परंतु आज तक ओवर हेड टैंक तक नहीं बन पाया। यदि टंकी बन जाती है, तो भरने के बाद पूरे गांव को एक साथ पानी मिल सकता है। गांव के भीतर मुश्किल 5 लीटर पानी से अपने दो बच्चों को नहला रही क्रांति साहू ने बताया कि पानी कितना कीमती है हम ही समझ सकते हैं।

बच्चों को बोर तक नहीं ले जा सकते और यहां पानी का कम से कम उपयोग हो इसलिए ऐसा करना पड़ता है। हीरालाल, सुनील साहू ने कहा कि डबरी का पानी मुंह में डालने लायक नहीं है। लेकिन हम नहाते हैं, क्योंकि वहां नहायेंगे तो पानी नहीं भर पाएंगे। ट्यूबवेल वहां पर भी समय-समय पर खोला जाता है।

सरपंच रामनारायण मिरी ने बताया कि जबसे सरपंच बना हूं, केवल नल जल टंकी का आवेदन दे रहा हूं। सब गांवों में ओवर हेड टैंक बन चुका है, परंतु पता नहीं यही क्यों छोड़ दिया जाता है। अभी पखवाड़े भर पहले फरहदा के ग्राम सुराज में फिर से आवेदन किया गया है।

पीएचई के इंजीनियर कन्हैया देवांगन ने कहा कि इस साल एकमात्र मटिया के लिए ओवर हेड टैंक की स्वीकृति हुई है, जो टेंडर की प्रक्रिया में है। आने वाले ठंड तक टंकी बन जाएगी, कार्य बहुत जल्दी शुरू कराया जाएगा।

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