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Video: नगर पंचायत में सडक़ की हालत देख लौटी एंबुलेंस, घायल युवक को खाट में ढोकर लाना पड़ा अस्पताल

Patient took hospital on cot: ट्रैक्टर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था युवक, एंबुलेंस जब युवक को लेने रवाना हुई तो सडक़ नहीं होने की वजह से नहीं पहुंच पाई वार्ड तक

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Injued man took hospital on cot

वाड्रफनगर. Patient took hospital on cot: किसी भी गांव व शहर का विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां सडक़, पानी, बिजली व स्वास्थ्य की व्यवस्था कैसी है? मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोग गांव या नगर में रहते हुए भी परेशान रहते हैं। ऐसे में वे शासन-प्रशासन को कोसते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर नगर पंचायत से सामने आया है। यहां ट्रैक्टर से गिरकर गंभीर रूप से घायल युवक को लाने एंबुलेंस तो मिली लेकिन वार्ड तक पहुंचने सडक़ ही नहीं है। ऐसे में परिजनों को उसे खाट पर ढोकर अस्पताल तक लाना पड़ा।

मरीज को खाट पर ढोकर अस्पताल लाने का वीडियो वायरल होने के बाद लोग शासन-प्रशासन को कोस रहे हैं।
वाड्रफनगर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-1 नवापारा निवासी 26 वर्षीय रामलखन नामक युवक सोमवार की शाम ट्रैक्टर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। दर्द से कराह रहा युवक रातभर घर पर ही पड़ा रहा।

तबीयत में सुधार नहीं होता देख मंगलवार की सुबह उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। इसके लिए उन्होंने संजीवनी 108 को फोन लगाया।

संजीवनी नवापारा के लिए निकली, लेकिन सडक़ नहीं होने के कारण ड्राइवर वाहन लेकर लौट गया। ऐसे में परिजनों ने उसे खाट पर लादकर वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। आलम यह था कि घर की महिलाएं भी खाट को कंधे पर उठाए हुई थीं। घायल युवक को खाट पर ढोने का वीडियो वायरल होने के बाद वार्डवासी शासन-प्रशासन पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं।


आखिर किस बात का लेते हैं टैक्स?
वार्ड तक एंबुलेंस के लिए भी सडक़ नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना कि नगर पंचायत को वे हर महीने टैक्स देते हैं, लेकिन इतने वर्षों बाद सडक़ तक की सुविधा उन्हें नहीं मिल पाई है। वार्ड विकास से कोसों दूर है।

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बीएमओ का ये है कहना
इस संबंध में बीएमओ शशांक सिंह ने बताया कि 108 वाहन भेजा गया था, लेकिन सडक़ नहीं होने की वजह से वाहन को वापस बुला लिया गया। बाद में गांव वालों ने खाट और निजी वाहन का सहारा लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाया। यहां उसका इलाज जारी है।


फॉरेस्ट से नहीं मिला है क्लीयरेंस
नगर पंचायत की अध्यक्ष प्रमिला श्यामले ने कहा कि नवापारा तक का रास्ता जंगल की जमीन से होकर गुजरता है। अभी तक फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिला है, जैसे ही वन विभाग की अनुमति मिलती है, वैसे ही सडक़ का निर्माण कराया जाएगा।

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