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Video: शिक्षक ने दोस्तों के साथ पटवारी को बेदम पीटा, आरोपियों का जुलूस निकालने धरने पर बैठे विधायक, ‘दंगाई एसपी को बर्खास्त करो’ के लगे पोस्टर

Teacher beaten Patwari: किसी बात को लेकर शिक्षक व पटवारी के बीच हो गया था विवाद, शिक्षक ने अपने साथियों को बुलाया और पटवारी को पहले बेदम पीटा, जब पटवारी भागकर अपने परिचित के घर घुसा तो शिक्षक व उसके साथियों ने घर में घुसकर उनके साथ भी मारपीट की, पुलिस ने 7 लोगों को किया गिरफ्तार, मुख्य आरोपी शिक्षक फरार

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शिक्षक ने दोस्तों के साथ पटवारी को बेदम पीटा, आरोपियों का जुलूस निकालने धरने पर बैठे विधायक, ‘दंगाई एसपी को बर्खास्त करो’ के लगे पोस्टर

MLA on protest with supporters, Poster against SP

बलरामपुर. Teacher beaten Patwari: बलरामपुर जिला मुख्यालय में बुधवार की रात असामाजिक तत्वों ने एक पटवारी, उसके साथी की लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। यही नहीं, पटवारी के साथी के परिजनों के साथ भी मारपीट की। रात में मौके पर पहुंची बलरामपुर पुलिस ने मारपीट करने वाले ७ लोगों को पकड़ लिया, जबकि मुख्य आरोपी फरार हो गया। इधर गुरुवार की सुबह घटना की जानकारी मिलने पर रामानुजगंज विधायक समर्थकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपियों का नगर में जुलूस निकालने व सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर एनएच पर धरने पर बैठ गए। इससे आवागमन बाधित हो गया, जब आरोपियों का जुलूस नहीं निकाला गया तो विधायक के समर्थकों ने कोतवाली थाने के बाहर लगे बोर्ड व अन्य स्थानों पर एसपी मोहित गर्ग के पोस्टर लगा दिए, जिसमें लिखा था-दंगाई एसपी को बर्खास्त करो। अफसरों ने विधायक को समझाने की भी कोशिश की, लेकिन शाम तक वे धरने पर ही बैठे थेे।


बलरामपुर निवासी शिक्षक अमित सिंह व पटवारी हामिद रजा के बीच बुधवार की रात्रि लगभग 10 बजे अंडा दुकान में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि अमित सिंह ने अपने ७ साथियों को फोन कर बुलाया, जो अंबिकापुर से अलखडीहा गांव एक शादी समारोह में आए थे।

इसके बाद अमित सिंह ने साथियों के साथ पटवारी की लाठी-डंडे से पिटाई शुरू कर दी। इस पर पटवारी अपनी जान बचाने के उद्देश्य से पास में ही अपने मित्र के घर घुस गया। लेकिन अमित सिंह व उसके साथी पीछा करते हुए उस घर में भी जा घुसे। यहां भी उन्होंने हामिद राजा, उसके साथी व घरवालों के साथ मारपीट की।

इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी। इस पर थाने से पुलिस टीम मौके पर पहुंची व मारपीट कर रहे आरोपियों को पकडक़र थाने में ले आई। इस बीच मौका पाकर मुख्य आरोपी अमित सिंह फरार हो गया। इस घटना की जानकारी गुरुवार की सुबह रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह को मिली तो वे दोपहर लगभग 2 बजे बलरामपुर पहुंचे।

वे पीडि़त परिजनों से मुलाकात उपरांत थाने पहुंचे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने एवं उनका नगर में जुलूस निकालकर लोगों को दिखाने की मांग करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर विधायक थाने के सामने ही एनएच पर समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। एनएच पर टायर चलाकर चक्काजाम (Road blockade) कर दिया गया। इससे आवागमन बाधित हो गया।


थाने के सामने सहित जगह-जगह लगा दिए एसपी के पोस्टर
विधायक के एनएच पर धरने से बैठने के कारण आवागमन बाधित हो गया। सडक़ के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। जाम से निपटने के लिए पुलिस बल द्वारा बड़ी गाडिय़ों को 3 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट से आगे ही रोक दिया गया। वहीं यात्री बसों एवं छोटी बड़ी गाडिय़ों को न्यू बस स्टैंड से डायवर्ट कर पुराना कलेक्ट्रेट चौक होते हुए निकाला जाने लगा।

इधर विधायक को पुलिस अधिकारी मनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। जब आरोपियों का जुलूस नहीं निकाला गया तो विधायक के समर्थकों ने कोतवाली के बाहर लगे बोर्ड सहित अन्य स्थानों पर एसपी के पोस्टर लगा दिए, जिसमें लिखा था-दंगाई एसपी को बर्खास्त करो। शाम तक विधायक धरने पर बैठे हुए थे, वे अपनी मांग पर अड़े हुए थे।


पुलिस को माहौल बिगडऩे की थी आशंका
एक तरफ विधायक आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने व उनका नगर में जुलूस निकालने की मांग पर अड़े थे तो पुलिस को कानून व्यवस्था बिगडऩे का डर था। उक्त घटनाक्रम को लेकर नगर में तनाव का माहौल था।

इसके मद्देनजर पुलिस का कहना था कि अगर आरोपियों का जुलूस निकाला जाता है तो जनता उग्र हो सकती है। इससे कानून व्यवस्था बिगड़ जाती, माहौल खराब हो जाता। इसलिए पुलिस आरोपियों को थाने से बाहर नहीं निकालना चाहती थी।

दो दिन रहेगा नगर बंद, कल फिर होगा धरना
दिन भर गहमाहगमी व तनाव के बाद शाम को धरना स्थल पर एक सभा का आयोजन कर प्रदर्शन को समाप्त किया गया। साथ ही इस मामले को लेकर शुक्रवार व शनिवार को नगर बंद की घोषणा की गई। वहीं विधायक बृहस्पत सिंह शुक्रवार को पुराने कलेक्टोरेट चौक पर आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल होंगे। फिर यहां से रैली निकालकर छत्तीसगढ़ सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

ज्ञापन में आरोपियों पर ठोस धाराओं में अपराध दर्ज करने, पीडि़त पक्ष पर दर्ज अपराध को शून्य करने तथा वर्तमान एसपी मोहित गर्ग को बर्खास्त करने की मांग की जाएगी। वहीं विधायक का कहना है कि मैंने एसपी को तीन बार फोन लगाया, इसके बावजूद वे धरना स्थल पर नहीं पहुंचे। जिला मुख्यालय में पुलिस विभाग के सारे आला अफसर रहते हैं, इसके बावजूद ऐसी घटना हो जाना पुलिस विभाग की बड़ी नाकामी है। इस पूरे मामले में अपराधियों को पुलिस द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है।

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