
अजब-गजब: यहां जन्मा प्लास्टिक का बच्चा, डॉक्टर भी देखकर रह गये हैरान, अगर रोया तो...
बलरामपुर. बलरामपुर की एक महिला ने ऐसे बच्चे को जन्म दिया है जो देखने में प्लास्टिक की तरह लगता है। महिला को श्रावस्ती के उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है, जहां महिला ने एक बेटे को जन्म दिया लेकिन बेटे के जन्म के बाद परिवार में खुशियों की जगह निराशा फैली हुई है। इसका कारण जानकर आप दंग रह जाएंगे। महिला ने ऐसे बच्चे को जन्म दिया है जो प्लास्टिक में बताया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर बच्चा रोता है तो उसकी स्किन फट सकती है। डॉक्टरों ने इस बीमारी को कोलोडियन बताया है तथा इस बच्चे को कोलोडियन बेबी के नाम से जाना जाता है।
भौचक्के रह गये डॉक्टर
बच्चे के पैदा होने के बाद चिकित्सक भी चौक में पड़े हुए हैं। परिवारजनों ने कई जगह भटकने के बाद बच्चे को शहर के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया, जहां उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम में रखा गया है। वहां के चिकित्सक के मुताबिक क्रोमोसोम की समस्या से यह बीमारी होती है। 10 लाख बच्चों में से एक बच्चा इस रोग से ग्रसित होता है। ऐसे बच्चे की स्किन प्लास्टिकनुमा होती है जो उसके रोने पर फट सकती है।
बलरामपुर जिले के हरैया थाना क्षेत्र केचौधरीडीह बिनहौनी कला गांव के निवासी अनीता देवी ने गुरुवार को एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसव पीड़ा के दौरान उसके पति अलखराम ने पत्नी को प्रसव के लिए श्रावस्ती जिले के सिरसिया में स्थित बालापुर उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां पर दोपहर 12:25 बजे अनीता ने बेटे को जन्म दिया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखा तो वे भौचक्के रह गये व उसकी हालत नाजुक बताई। परिवार में दुख का पहाड़ टूट पड़ा। डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया वहां के डॉक्टरों ने भी हाथ खड़े कर दिए। डॉक्टरों द्वारा कोई सहायता न किए जाने पर अलखराम ने नवजात को महेश क्लीनिक में भर्ती कराया जहां के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शिशिर अग्रवाल नवजात को देखते ही चौक पर उन्होंने बताया कि ये कोलोडियन बेबी है। यह काफी रेयर केस में होता है। इलाके में यह पहला मामला सामने आया है। डॉक्टर शिशिर ने बताया कि कोलोडियन बेबी को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखकर इलाज किया जा रहा है। निरंतर इलाज से बच्चे की हालत में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। डॉक्टर ने बताया कि जेनेटिक डिसऑर्डर के कारण ऐसे बच्चों का जन्म होता है। लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर विशेष जाली लगाकर उसे आइसोलेशन में रखा गया है क्योंकि नवजात को संक्रमण का खतरा हो सकता है।
Published on:
26 May 2018 05:32 pm
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